बरेली | 01 अप्रैल, 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में साइबर पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में देश के हजारों युवाओं की मेहनत की कमाई डकार रहा था। इज्जतनगर के एक पॉश इलाके में स्थित किराए के मकान से संचालित हो रहे इस फर्जी कॉल सेंटर के तार अब पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
प्रतिबिंब पोर्टल से मिला ‘डिजिटल सुराग’
इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत ‘प्रतिबिंब’ (Pratibimb) पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत से हुई। गृह मंत्रालय के इस पोर्टल ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन बरेली के आशुतोष सिटी में ट्रैक की। जब साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। एक साधारण से दिखने वाले कमरे के भीतर हाई-टेक गैजेट्स और दर्जनों मोबाइल फोन के जरिए पूरा ‘ठगी साम्राज्य’ चलाया जा रहा था।
15 से ज्यादा फर्जी ऐप्स और ‘महादेव’ जैसा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह Aviator, 1xBet, CricxBet, Mahadev और Mahakal जैसे चर्चित गेमिंग नामों का सहारा लेकर अपनी फर्जी वेबसाइट्स चला रहा था। इनके काम करने का तरीका बेहद शातिर था:
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सोशल मीडिया हंटिंग: टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को ‘फ्री बोनस’ और ‘रोजाना 5000 की कमाई’ का लालच देकर फंसाया जाता था।
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फर्जी इंटरफेस: आरोपी ऐसी वेबसाइट्स का इस्तेमाल करते थे जिनका कंट्रोल पूरी तरह उनके हाथ में होता था। शुरुआत में यूजर को जिताया जाता था ताकि उसका लालच बढ़ जाए।
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ब्लॉक एंड रन: जैसे ही कोई यूजर 50 हजार या उससे अधिक की रकम दांव पर लगाता, आरोपी उसका अकाउंट फ्रीज कर देते और संपर्क के सभी रास्ते बंद कर देते।
डायरी के 350 पन्ने और ‘पाकिस्तानी’ कनेक्शन
इस छापेमारी में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पुलिस के हाथ लगी एक 350 पन्नों की डायरी से हुआ है। इस डायरी में सैकड़ों मोबाइल नंबर दर्ज हैं, जिनमें से कई नंबरों के कंट्री कोड (+92) पाकिस्तान के हैं।
पुलिस अब तीन मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:
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डेटा चोरी: क्या भारतीय नागरिकों का निजी डेटा पाकिस्तान भेजा जा रहा था?
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मनी लॉन्ड्रिंग: क्या ठगी का पैसा क्रिप्टो करेंसी के जरिए सरहद पार भेजा गया?
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सर्वर लोकेशन: क्या इन गेमिंग ऐप्स के मुख्य सर्वर पाकिस्तान या किसी अन्य खाड़ी देश में होस्ट किए गए हैं?
कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से सूर्याभान और विनीत नाम के दो गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना शिवम अभी भी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दिल्ली और एनसीआर में दबिश दे रही हैं। बरामद किए गए लैपटॉप और मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री को रिकवर किया जा सके।
सावधानी ही बचाव है: पुलिस की अपील
बरेली पुलिस और साइबर सेल ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:
“किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें जो कम समय में पैसा दोगुना करने का दावा करता हो। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अपनी बैंक डिटेल्स साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 डायल करें।”
Matribhumisamachar


