मुंबई. भारतीय शेयर बाज़ार के लिए सप्ताह का पहला कारोबारी दिन ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ। पश्चिम एशिया (Middle East) में गहराते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए भूचाल ने दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मचा दिया। दिनभर चली चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी धराशायी हो गए, जिससे निवेशकों को मिनटों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बाज़ार का ताज़ा हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स (Sensex) लगभग 1,048 अंक यानी 1.29% गिरकर 80,238 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 313 अंक टूटकर 24,865 के करीब पहुंच गया।
हैरानी की बात यह रही कि सुबह बाज़ार खुलते ही पैनिक सेलिंग (Panic Selling) के कारण सेंसेक्स एक समय 2,700 अंकों तक नीचे चला गया था, लेकिन निचले स्तरों पर हुई कुछ खरीदारी ने इसे 80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनाए रखा।
गिरावट के 5 प्रमुख कारण (Key Factors)
1. पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सीधे टकराव ने वैश्विक निवेशकों की नींद उड़ा दी है। ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी खबरों और अमेरिका की सक्रियता ने युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। निवेशकों को डर है कि यदि यह तनाव लंबे समय तक चला, तो वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो जाएगी।
2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग
युद्ध की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें $79 प्रति बैरल के पार निकल गईं। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक तेल आयात करता है। तेल महंगा होने का सीधा मतलब है—महंगाई बढ़ना और देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर दबाव।
3. रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज अपने सबसे निचले स्तरों के करीब पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 91.50 के स्तर को छू गया, जिससे बाज़ार का सेंटिमेंट और खराब हुआ।
4. FII की आक्रामक बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाज़ार से बड़े पैमाने पर फंड निकालना शुरू कर दिया है। अनिश्चितता के माहौल में विदेशी निवेशक उभरते बाज़ारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश जैसे ‘सोना’ (Gold) और ‘अमेरिकी डॉलर’ में लगा रहे हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन: किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट?
बाज़ार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर पर पड़ी।
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बैंकिंग: HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े शेयरों में भारी दबाव देखा गया।
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ऑयल एंड गैस: कच्चे तेल की कीमतों के कारण BPCL और HPCL जैसे शेयरों में 3-4% की गिरावट रही।
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आईटी: वैश्विक अनिश्चितता के कारण TCS और Infosys के शेयरों में बिकवाली दिखी।
हालांकि, इस गिरावट के बीच रक्षा (Defence) और फार्मा (Pharma) सेक्टर के कुछ शेयरों ने जुझारूपन दिखाया।
आज की गिरावट ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय बाज़ार इस समय वैश्विक घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। निवेशकों के लिए ‘Wait and Watch’ की रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।
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