श्रीनगर | मंगलवार, 7 अप्रैल 2026
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी तंत्र के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक बड़े अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस सुनियोजित ऑपरेशन में पुलिस ने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आतंकियों में एक ऐसा खतरनाक कमांडर भी शामिल है, जो पिछले 16 वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर भारत के विभिन्न राज्यों में अपना नेटवर्क चला रहा था।
19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी: राजस्थान से हरियाणा तक एक्शन
पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात की सीधी निगरानी में चलाए गए इस ऑपरेशन के तहत जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा के कुल 19 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच एजेंसियों को इन ठिकानों से फर्जी दस्तावेज, विदेशी मुद्रा और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो इस नेटवर्क की गहरी जड़ों की पुष्टि करते हैं।
गिरफ्तार आतंकियों की पहचान और चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:
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अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा (पाकिस्तानी आतंकी): यह लश्कर का ‘A+’ कैटेगरी का आतंकी है जो 16 साल पहले भारत में घुसपैठ कर आया था। यह पंजाब और अन्य राज्यों में पहचान बदलकर रह रहा था।
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उस्मान उर्फ खुबाइब (पाकिस्तानी आतंकी): इसे मॉड्यूल का अहम रणनीतिकार माना जा रहा है।
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स्थानीय मददगार: श्रीनगर निवासी मोहम्मद नकीब भट्ट, आदिल राशिद भट्ट और गुलाम मोहम्मद मीर (उर्फ मामा) को आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सहायता, पनाह और फंडिंग मुहैया कराने के आरोप में पकड़ा गया है।
मॉड्यूल का खतरनाक ‘मोडस ऑपेरंडी’
जांच में यह बात सामने आई है कि यह मॉड्यूल केवल कश्मीर तक सीमित नहीं था, बल्कि राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में फर्जी पहचान पत्र (आधार और पासपोर्ट) के जरिए सुरक्षित ठिकाने (Safe Houses) बना चुका था।
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40 आतंकियों का हैंडलर: अबू हुरैरा ने पिछले डेढ़ दशक में लगभग 40 विदेशी आतंकवादियों को रिसीव करने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने में मदद की है।
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विदेश भागने की साजिश: शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क की मदद से कम से कम एक विदेशी आतंकी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत से बाहर भागने में सफल रहा है, जिसकी तलाश अब तेज कर दी गई है।
हथियारों का जखीरा बरामद
छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में घातक हथियार मिले हैं, जिनमें:
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AK-47 और AK-क्रिनकोव राइफलें
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विदेशी पिस्टल और हैंड ग्रेनेड
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IED बनाने के उपकरण और हाई-टेक गैजेट्स
“यह ऑपरेशन देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर है। हमने न केवल आतंकियों को पकड़ा है, बल्कि उनके उस ‘इकोसिस्टम’ को भी ध्वस्त किया है जो उन्हें फंड और छिपने की जगह देता था।” — पुलिस प्रवक्ता, श्रीनगर
आगे की कार्रवाई: पुलिस अब इन आतंकियों के फंडिंग स्रोतों और अन्य राज्यों में सक्रिय उनके ‘स्लीपर सेल्स’ की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
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