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मुंबई के आरे कॉलोनी में बड़ा एक्शन: 70,000 वर्ग फुट पर बनी अवैध दरगाह पर चला प्रशासन का बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई । मंगलवार, 2 जून 2026

मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) स्थित आरे मिल्क कॉलोनी में मंगलवार सुबह प्रशासन का बड़ा हथौड़ा चला है। आरे कॉलोनी की यूनिट 32 में स्थित ‘हजरत सैयद बरकत अली शाह बाबा दरगाह’ के खिलाफ बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई की गई। भारी सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील माहौल को देखते हुए इलाके में 3 बुलडोजर तैनात किए गए और सुबह 11 बजे के बाद से ही अवैध निर्माण को जमींदोज करने का काम शुरू कर दिया गया।

70,000 वर्ग फुट सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस दरगाह की आड़ में लगभग 70,000 वर्ग फुट सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था। बीएमसी (BMC) और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई तब शुरू की जब संबंधित ट्रस्ट को कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई वैध दस्तावेज या मालिकाना हक के सबूत पेश नहीं किए गए।

अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि इस ढांचे को पहले 2017 और 2018 में भी ढहाया गया था, लेकिन बाद में इसका दोबारा निर्माण कर इसे और बड़ा रूप दे दिया गया।

स्थानीय लोगों का दावा बनाम कानून

एक तरफ जहां स्थानीय लोग और दरगाह से जुड़े श्रद्धालु इस ढांचे को कई दशक पुराना और पूरी तरह वैध बता रहे हैं, वहीं कानूनी तौर पर स्थिति इसके विपरीत है। आरे कॉलोनी एक संरक्षित हरित क्षेत्र (Protected Green Zone) है और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) का विस्तारित हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े आदेशों के मुताबिक, इस पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी तरह का गैर-कानूनी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

बांद्रा की घटना से सबक: सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हाल ही में मुंबई के बांद्रा गरीबनगर इलाके में हुई तोड़क कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर भारी पथराव की घटना सामने आई थी। उस हिंसक तजुर्बे से सबक लेते हुए, सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार पहले ही जिला प्रशासन को संभावित सुरक्षा जोखिमों को लेकर पत्र लिख दिया था।

आज की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरे पुलिस स्टेशन के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण बल (Riot Control Units) की भारी तैनाती की गई है। पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत पर हुआ एक्शन

इस पूरे मामले ने राजनीतिक रूप तब लिया था जब बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने अप्रैल 2026 में आरे कॉलोनी का दौरा कर इस ढांचे को ‘लैंड जिहाद’ का हिस्सा बताया था। उन्होंने इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ मुंबई नगर निगम और पुलिस कमिश्नर को आधिकारिक शिकायत सौंपी थी।

आज की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि उनके द्वारा 9 अप्रैल 2026 को की गई शिकायत और प्रशासनिक व न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज इस अवैध कब्जे को हटाने की बड़ी सफलता मिली है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।