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जबलपुर में भाई की शादी में पति ने दिया ‘तीन तलाक’, पुलिस ने दर्ज की FIR; जानिए क्या है सख्त कानून

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जबलपुर । शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के संस्कारधानी कहे जाने वाले शहर जबलपुर से एक बार फिर रिश्तों को तार-तार करने वाला और कानून की धज्जियां उड़ाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के गढ़ा थाना क्षेत्र में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को सरेराह ‘तीन तलाक’ (Triple Talaq) बोलकर रिश्ता तोड़ने का सनसनीखेज वाकया हुआ है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भाई की शादी में पहुंचा पति, सरेआम बोल दिया तीन तलाक

पीड़िता तस्लीम ने गढ़ा थाने में दी अपनी शिकायत में बताया कि उसके पति मोहम्मद शाहनवाज का किसी ‘निगार’ नाम की अन्य युवती के साथ संबंध है। इसी वजह से शाहनवाज लंबे समय से तस्लीम को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। वह न तो घर समय पर आता था और न ही बच्चों व पत्नी की जिम्मेदारियां उठा रहा था।

हैरान करने वाली बात तब हुई जब तस्लीम के भाई की शादी का समारोह चल रहा था। वहां शाहनवाज अचानक पहुंचा और कथित तौर पर अपनी प्रेमिका के उकसावे में आकर तस्लीम को सबके सामने तीन बार ‘तलाक, तलाक, तलाक’ बोल दिया। इतना ही नहीं, आरोपी पति ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और वहां से चला गया।

जबलपुर में पहले भी आ चुके हैं ऐसे अजीबोगरीब मामले

यह जबलपुर में तीन तलाक का पहला मामला नहीं है। इससे पहले अधारताल थाना क्षेत्र में भी एक ऐसा ही डिजिटल अपराध का मामला सामने आया था, जहां एक 32 वर्षीय महिला को उसके पति ने मोबाइल पर एक वॉइस मैसेज (Voice Message) भेजा था। उस वॉइस मैसेज को जैसे ही महिला ने प्ले किया, उसमें उसके पति की आवाज में तीन बार तलाक बोला गया था। तकनीक का ऐसा दुरुपयोग देखकर पुलिस भी हैरान रह गई थी।

Fact Check

आमतौर पर लोग मानते हैं कि तीन तलाक बोलते ही रिश्ता तुरंत खत्म हो जाता है, लेकिन कानूनी रूप से यह पूरी तरह गलत है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और भारत सरकार द्वारा पारित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के बाद देश में कानूनी स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है:

  1. तलाक नहीं माना जाएगा: कानूनन, यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्द्त) बोलता है—चाहे वह मौखिक हो, लिखित हो, या SMS/वॉइस मैसेज के जरिए हो—तो वह पूरी तरह अमान्य (Void) और अवैध (Illegal) है। यानी कानून की नजर में उनका रिश्ता खत्म नहीं होता, महिला अब भी उसकी पत्नी ही रहेगी।

  2. 3 साल की जेल का प्रावधान: तीन तलाक देना अब एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए पति को 3 साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है।

  3. गुजारा भत्ता और बच्चों की कस्टडी: पीड़ित महिला अपने और अपने नाबालिग बच्चों के लिए मजिस्ट्रेट के माध्यम से गुजारा भत्ता (Subsistence Allowance) पाने की हकदार है। साथ ही बच्चों की कस्टडी भी मां को मिलने का कानूनी अधिकार है।

पुलिसिया कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

गढ़ा थाना पुलिस ने पीड़िता तस्लीम को उचित और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुस्लिम महिला अधिनियम 2019 और मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी मोहम्मद शाहनवाज की तलाश शुरू कर दी गई है।

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