चेन्नई | सोमवार, 4 मई 2026
आज सोमवार, 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हो रहे हैं। यह दिन राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक युगांतरकारी बदलाव का गवाह बन रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कझगम (TVK) ने दशकों से चले आ रहे द्रविड़ पार्टियों (DMK-AIADMK) के वर्चस्व को चुनौती देते हुए ऐतिहासिक बढ़त बनाई है।
प्रमुख चुनावी रुझान (कुल 234 सीटें)
दोपहर बाद तक के रुझानों और नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। पहली बार चुनाव लड़ रही TVK बहुमत के जादुई आंकड़े (118) के बेहद करीब पहुँच गई है।
| पार्टी / गठबंधन | रुझान/जीत (सीटें) | स्थिति |
| तमिलगा वेट्टी कझगम (TVK) | 112 – 115 | सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उदय |
| AIADMK+ (NDA) | 55 – 60 | दूसरे स्थान पर बरकरार |
| DMK+ (SPA) | 45 – 50 | सत्ता से बाहर, भारी नुकसान |
| अन्य (PMK, BJP, निर्दलीय) | 10 – 15 | बिखराव |
बड़े उलटफेर: दिग्गजों की साख दांव पर
-
विजय (TVK): अभिनेता विजय ने अपनी दोनों सीटों, पेराम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से निर्णायक बढ़त हासिल की है। उनकी “MGR 2.0” वाली छवि युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के बीच काफी लोकप्रिय रही।
-
एम.के. स्टालिन (DMK): मुख्यमंत्री को अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू के हाथों कड़ी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। यह DMK के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत झटका माना जा रहा है।
-
उदयनिधि स्टालिन: हालांकि पार्टी की स्थिति खराब है, लेकिन उदयनिधि चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी सीट से जीतने में सफल रहे हैं।
-
ई.के. पलानीस्वामी (AIADMK): विपक्षी नेता ने अपने गढ़ एडापड्डी से जीत का सिलसिला जारी रखा है।
TVK की जीत के पीछे के कारण और ‘करेक्शन’
एग्जिट पोल्स (Exit Polls) में DMK की वापसी का अनुमान लगाया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत निकली।
-
युवा शक्ति: TVK का फोकस युवाओं को रोजगार गारंटी और नशा मुक्त तमिलनाडु देने पर था, जिसने बड़े पैमाने पर वोट खींचे।
-
द्रविड़ राजनीति से ऊब: मतदाता पिछले 50 वर्षों से DMK और AIADMK के बीच झूल रही राजनीति से एक नया विकल्प चाह रहे थे।
-
उच्च मतदान प्रतिशत: इस बार रिकॉर्ड 85.1% मतदान हुआ, जो स्पष्ट रूप से एक बड़े सत्ता परिवर्तन (Anti-incumbency) का संकेत था।
आगे क्या?
यदि TVK अपने दम पर 118 का आंकड़ा पार नहीं कर पाती है, तो कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियां किंगमेकर की भूमिका निभा सकती हैं। कांग्रेस ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वे एक नई “धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय” वाली सरकार के लिए विजय का समर्थन कर सकते हैं।
Matribhumisamachar


