कोलकाता। सोमवार, 4 मई 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने राज्य की सत्ता का रुख पूरी तरह बदल दिया है। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम नतीजों तक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है, जो 148 के बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है।
चुनावी नतीजों का संक्षिप्त विवरण
इस बार का चुनाव दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में संपन्न हुआ था। आज 4 मई को हुई मतगणना में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
| राजनीतिक दल | सीटें (जीत/बढ़त) | 2021 का प्रदर्शन |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 205 | 77 सीटें |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 82 | 215 सीटें |
| वाम मोर्चा व अन्य | 06 | 02 सीटें |
सत्ता परिवर्तन के मुख्य कारण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार बंगाल में ‘सत्ता विरोधी लहर’ (Anti-incumbency) अत्यंत प्रभावी रही। टीएमसी के गढ़ माने जाने वाले दक्षिण बंगाल और औद्योगिक क्षेत्रों में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भ्रष्टाचार के आरोप और स्थानीय स्तर पर सांगठनिक कमजोरी ने ममता बनर्जी की राह मुश्किल कर दी।
सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी का मुकाबला
नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर सबकी नजरें थीं। सुवेंदु अधिकारी ने अपनी सीट पर मजबूती बनाए रखी, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने अपनी आधी से ज्यादा सीटें गंवा दीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनावी गड़बड़ियों के चलते 21 मई को दोबारा मतदान का आदेश दिया है, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
रिकॉर्ड मतदान और सुधार
इस चुनाव में पश्चिम बंगाल ने 92.93% के साथ अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया। कुछ क्षेत्रों में हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। हालांकि, टीएमसी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं, जिसे आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है।
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