नई दिल्ली । सोमवार, 6 जुलाई 2026
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए भीषण आतंकवादी हमले की जांच में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय आतंकवाद रोधी एजेंसी ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को पाकिस्तान में छिपे बैठे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के सरगना हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।
जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत (NIA Special Court, Jammu) में पेश की गई इस चार्जशीट में हाफिज सईद को ‘व्यक्तिगत क्षमता’ (Individual Capacity) में आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने उस पर सीमा पार से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश रचने जैसी बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं।
घटनाक्रम
इस मामले को पूरी तरह समझने के लिए पूर्व में हुए घटनाक्रम और जांच के सटीक आंकड़ों को जानना जरूरी है:
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पहलगाम हमला (22 अप्रैल 2025): दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बैसरन घाटी (Baisaran Valley) में तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस कायराना और धर्म के आधार पर टारगेटेड हमले में 25 निर्दोष पर्यटकों और 1 स्थानीय नागरिक सहित कुल 26 लोगों की मौत हो गई थी।
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भारत का कड़ा जवाब – ‘ऑपरेशन सिंदूर’: इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6-7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान और पीओके (PoK) में स्थित टेरर लॉन्च पैड्स के खिलाफ एक बड़ा त्रिकोणीय सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) चलाया था, जिसमें 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया था।
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मूल चार्जशीट (15 दिसंबर 2025): इससे पहले एनआईए ने 15 दिसंबर 2025 को 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट दाखिल की थी। उस दौरान लश्कर के बड़े हैंडलर साजिद जट्ट उर्फ सैफुल्लाह, तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों (जो जुलाई 2025 में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान मारे गए) और दो स्थानीय गाइड्स (परवेज अहमद और बशीर अहमद) को नामजद किया गया था।
एनआईए जांच में हाफिज के खिलाफ क्या सबूत मिले?
एनआईए के प्रवक्ता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरक आरोप पत्र को गहन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच (Scientific and On-ground Investigation) के आधार पर तैयार किया गया है।
एजेंसी को जांच में ऐसे पुख्ता डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत मिले हैं जो साबित करते हैं कि हमले का पूरा ताना-बाना पाकिस्तान से बुना गया था। हाफिज सईद ने सीधे तौर पर सीमा पार से न केवल इस हमले की साजिश रची, बल्कि आतंकियों को ‘रियल-टाइम’ दिशा-निर्देश भी दिए थे।
हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इसके साथ ही, लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ को भी हमले की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने के लिए एक कानूनी इकाई (Legal Entity) के रूप में आरोपित किया गया है।
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