तेहरान । शुक्रवार, 8 मई 2026
पश्चिम एशिया में तनाव की आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। एक तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मिसाइलें बरस रही हैं, तो दूसरी तरफ ईरान की धरती भूकंप के झटकों से थर्रा उठी है। शुक्रवार को आए इस भूकंप ने उन आशंकाओं को फिर से हवा दे दी है कि क्या यह महज एक प्राकृतिक घटना है या इसके पीछे कोई गुप्त सैन्य परीक्षण छिपा है।
होर्मुज में सैन्य टकराव: समुद्र में मचा घमासान
ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज की ओर बढ़ रहे अमेरिकी नौसैनिक बेड़े पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया। ईरानी मीडिया का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने स्पष्ट किया है कि उनके ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत चल रहे जहाजों ने इन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया और आत्मरक्षा में ईरान के मिसाइल ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।
ईरान में भूकंप: दहशत में लोग
इसी युद्ध के बीच, शुक्रवार की सुबह उत्तर-पश्चिमी ईरान के तबरीज के निकट तसुज में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया।
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दहशत का माहौल: युद्ध की विभीषिका झेल रहे लोग धमाकों और झटकों के बीच अंतर नहीं कर पाए और चिल्लाते हुए घरों से बाहर निकल आए।
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अटकलें: सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि यह भूकंप ईरान द्वारा किए गए किसी भूमिगत टेस्ट का परिणाम हो सकता है, हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
तिब्बत और जापान में भी हलचल
केवल ईरान ही नहीं, बल्कि एशिया के अन्य हिस्सों में भी धरती अशांत रही:
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तिब्बत: शुक्रवार तड़के 3:10 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र जमीन से 38 किमी नीचे था।
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जापान: पिछले कुछ दिनों में जापान के होक्काइडो में 6.2 तीव्रता का बड़ा भूकंप दर्ज किया गया था, जिससे सुनामी का खतरा तो नहीं टला, लेकिन जान-माल का नुकसान सीमित रहा।
महत्वपूर्ण तथ्य
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युद्ध की शुरुआत: जैसा कि उल्लेख किया गया, संघर्ष की मुख्य लहर 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुई थी, जिसे अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया था।
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वर्तमान स्थिति: वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी और नाजुक संघर्ष विराम (Ceasefire) की बातें चल रही हैं, लेकिन होर्मुज की ताजा झड़पें इसे खतरे में डाल रही हैं।
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