लखनऊ. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है जिसने विभाग की सतर्कता पर मुहर लगा दी है। होली के आसपास करारी स्थित भारत पेट्रोलियम (BPCL) डिपो के पास से गायब हुए 524 एलपीजी सिलेंडरों को पुलिस ने न केवल बरामद कर लिया है, बल्कि इस पूरी साजिश के पीछे शामिल 7 शातिर अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
प्रतिशोध की आग ने बनाया अपराधी
पुलिस की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह है वारदात की वजह। मुख्य आरोपी जावेद और रितिक पहले उसी ट्रक मालिक नीरज अग्रवाल के पास ड्राइवर की नौकरी करते थे, जिनके ट्रक से यह चोरी हुई। वेतन विवाद और नौकरी से निकाले जाने के बाद, दोनों ने मालिक को आर्थिक चोट पहुंचाने और रातों-रात अमीर बनने के लिए यह खतरनाक साजिश रची।
क्या-क्या हुआ बरामद? (एक नजर में)
पुलिस ने आरोपियों के पास से जो माल बरामद किया है, उसकी कुल कीमत लाखों में है:
-
कुल सिलेंडर: 524 (389 भरे हुए और 135 खाली)।
-
नकद राशि: 11.10 लाख रुपये (मुख्य डील की रकम) + 83,820 रुपये (अतिरिक्त बिक्री से मिले)।
-
अवैध हथियार: गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से तमंचे और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
संबंधित खबर: उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर पुलिस की पैनी नजर – मातृभूमि समाचार
गैस एजेंसी मालिक भी निकला ‘साझेदार’
इस मामले की सबसे बड़ी कड़ी समथर स्थित एक गैस एजेंसी का मालिक निकला। आरोपियों ने चोरी किए गए सिलेंडरों को ठिकाने लगाने के लिए इस एजेंसी मालिक से 13 लाख रुपये में सौदा तय किया था। पुलिस ने न केवल माल बरामद किया, बल्कि अपराध में सहयोग करने वाले एजेंसी से जुड़े लोगों को भी दबोच लिया है।
कैसे सुलझी गुत्थी?
एसएसपी झांसी के निर्देशन में गठित टीमों ने इस केस को सुलझाने के लिए CCTV फुटेज और मुखबिरों के जाल का सहारा लिया। घटना के बाद बड़ागांव (पारीछा) के पास एक खाली ट्रक का लावारिस मिलना पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग बना। इसके बाद की गई ‘सर्विलांस’ और ‘लोकेशन ट्रैकिंग’ ने आरोपियों के भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए।
ताजा अपडेट: झांसी की अन्य महत्वपूर्ण खबरें यहाँ पढ़ें – मातृभूमि समाचार
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी
आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को हल्की मुठभेड़ का भी सामना करना पड़ा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
-
जावेद (मास्टरमाइंड)
-
रितिक (सह-मुख्य आरोपी)
-
आमिर, सुमित, शुभांकर, अभिषेक और सुरेंद्र।
अधिकारी का बयान: “यह एक संगठित अपराध था जिसे निजी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (भरे हुए सिलेंडर) की चोरी शहर की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा थी।”
सुरक्षा अलर्ट
यह घटना ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपने कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की तलाश कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इन्होंने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
Matribhumisamachar


