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कड़पा में हनुमान जयंती उत्सव से पहले भारी तनाव: ‘सर्कल’ विवाद ने लिया हिंसक रूप, CI घायल

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कड़पा | सोमवार, 11 मई 2026 

आंध्र प्रदेश का कड़पा शहर शुक्रवार को उस समय युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया, जब एक चौराहे के नामकरण को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई। दरअसल, हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में हिंदू संगठनों ने एक चौराहे पर ‘हनुमान सर्कल’ के बैनर और फ्लेक्स लगाए थे।

स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। उनका तर्क है कि यह स्थान आधिकारिक तौर पर ‘टीपू सुल्तान सर्कल’ के नाम से जाना जाता है। तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब कुछ लोगों ने हनुमान जी के बैनरों पर स्टिकर चिपका दिए, जिससे दूसरे समुदाय के लोगों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

पत्थरबाजी और पुलिस पर हमला

देखते ही देखते अलमासपेट का इलाका हिंसा की चपेट में आ गया। दोनों पक्षों की ओर से भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। जब दक्षिणपंथी संगठनों ने कथित तौर पर वहां प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया, तो दूसरी ओर से जमकर विरोध हुआ।

  • हिंसक झड़प: भीड़ ने एक-दूसरे पर पत्थर, ईंटें और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।

  • पुलिस अधिकारी घायल: स्थिति को संभालने पहुंचे तालुख सर्कल इंस्पेक्टर (CI) नरसिम्हा राजू भीड़ के निशाने पर आ गए। उनके सिर पर पत्थर लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में दो कांस्टेबल भी चोटिल हुए हैं।

वर्तमान स्थिति और पुलिसिया कार्रवाई

ताज़ा जानकारी के अनुसार, कड़पा पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को खदेड़ा। शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल (APSP) तैनात किया गया है।

  1. प्रशासन ने अलमासपेट सर्कल के 1 किमी के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

  2. CCTV निगरानी: पुलिस फुटेज के आधार पर उन चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने पत्थरबाजी शुरू की।

  3. अफवाहों पर रोक: सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भ्रामक खबर न फैले।

नोट : कुछ शुरुआती रिपोर्टों में इसे केवल एक राजनीतिक विवाद बताया जा रहा था, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि यह दो समुदायों के बीच चौराहे के पुराने नाम बनाम नए नामकरण की होड़ के कारण हुआ है। प्रशासन ने अभी तक किसी भी पक्ष को स्थायी रूप से प्रतिमा लगाने की अनुमति नहीं दी है।

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