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धार: ‘आदित्य’ बनकर अब्दुल ने दलित युवती से किया दुष्कर्म, आधार कार्ड से खुला राज; पुलिस ने निकाला जुलूस

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भोपाल । रविवार, 12 अप्रैल 2026

मध्य प्रदेश के धार जिले में पहचान छिपाकर (Identity Fraud) एक दलित युवती का शारीरिक शोषण करने और उस पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की थी, लेकिन एक छोटे से दस्तावेज़ ‘आधार कार्ड’ ने आरोपी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया।

दोस्ती से धोखे तक: पूरा घटनाक्रम

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह मामला करीब दो साल पहले महेश्वर बस स्टैंड की एक मोबाइल शॉप से शुरू हुआ था। आरोपी ने अपना नाम “आदित्य ठाकुर” बताया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने हिंदू पहचान का सहारा लेकर उसे प्रेम जाल में फंसाया।

  • पहली घटना: 10 दिसंबर 2025 को आरोपी युवती को धामनोद के एक होटल में ले गया, जहाँ शादी का झांसा देकर पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

  • लगातार शोषण: इसके बाद आरोपी लगातार शादी का वादा कर युवती का शारीरिक शोषण करता रहा।

आधार कार्ड ने खोली ‘अब्दुल’ की पोल

धोखे की यह दीवार तब गिरी जब होटल में रुकने के दौरान पीड़िता को आरोपी की जेब से उसके आधार कार्ड की कॉपी मिली। कार्ड देखते ही युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उस पर नाम “अब्दुल हादी पठान” दर्ज था।

सच्चाई सामने आने पर जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि अब्दुल ने न केवल उसे डराया-धमकाया, बल्कि निकाह के लिए धर्म परिवर्तन (Conversion) करने का भारी दबाव भी बनाया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

पुलिस की कड़ी कार्रवाई: अर्धनग्न अवस्था में निकाला जुलूस

शिकायत मिलते ही धार पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने आरोपी अब्दुल हादी पठान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और राज्य के विशेष कानूनों के तहत कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया:

  1. धोखाधड़ी और दुष्कर्म (पहचान छिपाकर सहमति प्राप्त करना)।

  2. आपराधिक धमकी (जान से मारने की धमकी)।

  3. SC/ST एक्ट (दलित युवती के उत्पीड़न का मामला)।

  4. मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 (जबरन धर्मांतरण का प्रयास)।

वायरल वीडियो: आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे उसी इलाके में पैदल घुमाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी फटे कपड़ों में नजर आ रहा है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की इस कार्रवाई को “त्वरित सबक” के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस तरीके पर सवाल भी उठाए हैं।

मध्य प्रदेश में सख्त हुआ कानून

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत पहचान छिपाकर शादी करना या धर्मांतरण का दबाव बनाना गैर-जमानती अपराध है। हाल के संशोधनों और अदालती रुख के बाद, ऐसे मामलों में सजा का प्रावधान और भी सख्त कर दिया गया है।

निष्कर्ष: धार पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और मामले के अन्य तकनीकी साक्ष्य (होटल सीसीटीवी, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स) जुटाए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सचेत करती है कि सोशल मीडिया या सार्वजनिक स्थलों पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतना कितना अनिवार्य है।

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