नई दिल्ली. आज के डिजिटल दौर में जब हम अपनी निजी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर बिताते हैं, तब ‘प्राइवेसी’ शब्द सबसे अहम हो जाता है। लेकिन हाल ही में मेटा (Meta) की ओर से आई एक खबर ने Instagram यूजर्स को चौंका दिया है। अगर आप अपने Instagram DMs (Direct Messages) की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त थे, तो यह खबर आपके लिए है।
⚠️ क्या है पूरा मामला?
मेटा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह 8 मई 2026 से Instagram से ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ (E2EE) के विकल्प को पूरी तरह हटाने जा रहा है। इसका मतलब यह है कि Instagram पर अब ‘सिक्योर चैट्स’ या ‘वैनिश मोड’ के साथ मिलने वाली सुरक्षा की वह अतिरिक्त परत गायब हो जाएगी, जो आपकी बातचीत को कंपनी की नजरों से भी दूर रखती थी।
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🔍 मेटा ने क्यों लिया यह फैसला? (आधिकारिक पक्ष)
हैरानी की बात यह है कि मेटा की ही दूसरी ऐप, WhatsApp, एन्क्रिप्शन के मामले में दुनिया का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ मानी जाती है। फिर Instagram के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों?
मेटा के प्रवक्ता के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण ‘कम इस्तेमाल’ है। कंपनी का कहना है:
“Instagram पर एन्क्रिप्शन कभी भी ‘डिफ़ॉल्ट’ (पहले से चालू) नहीं था। बहुत कम लोग मैन्युअल रूप से इसे ढूंढकर इस्तेमाल कर रहे थे। इसलिए, हम इस जटिल तकनीकी ढांचे को हटा रहे हैं। जिन्हें सुरक्षित चैटिंग चाहिए, वे WhatsApp का उपयोग कर सकते हैं।”
🕵️ पर्दे के पीछे की कहानी: क्या यह सिर्फ ‘कम इस्तेमाल’ का मामला है?
जानकारों का मानना है कि ‘कम इस्तेमाल’ तो सिर्फ एक बहाना हो सकता है। असल वजहें काफी गहरी हैं:
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कानूनी दबाव: सालों से दुनिया भर की सरकारें और सुरक्षा एजेंसियां मेटा पर दबाव बना रही हैं कि एन्क्रिप्शन की वजह से अपराधियों को पकड़ना मुश्किल होता है।
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सुरक्षा बनाम प्राइवेसी की बहस: हाल ही में लीक हुए दस्तावेजों से पता चला है कि मेटा के भीतर ही इस बात पर घमासान छिड़ा था कि क्या यूजर्स की प्राइवेसी, सुरक्षा जोखिमों (जैसे चाइल्ड सेफ्टी) से बड़ी है?
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प्लेटफॉर्म का अंतर: ऐसा लगता है कि मेटा अब Instagram को सिर्फ ‘कंटेंट और एंटरटेनमेंट’ प्लेटफॉर्म की तरह देख रहा है, जबकि ‘सीरियस मैसेजिंग’ के लिए वह WhatsApp को ही आगे रखना चाहता है।
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❗ आपको इसकी चिंता क्यों करनी चाहिए?
जब आपकी चैट ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड’ नहीं होती, तो इसका मतलब है कि मैसेज आपके और प्राप्तकर्ता के बीच एक खुले लिफाफे की तरह है।
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डेटा एक्सेस: तकनीकी रूप से मेटा के सर्वर इन मैसेज को ‘रीड’ कर सकते हैं।
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हैकिंग का खतरा: एन्क्रिप्शन न होने पर डेटा ब्रीच या हैकिंग की स्थिति में आपकी निजी बातें सार्वजनिक होने का खतरा बढ़ जाता है।
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संवेदनशील जानकारी: अगर आप Instagram पर अपनी सेहत, बैंक डिटेल्स या कोई बहुत निजी प्लान साझा करते हैं, तो अब वह पहले जितना सुरक्षित नहीं रहेगा।
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🕒 8 मई की डेडलाइन: अब आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपके पास Instagram पर कुछ पुरानी एन्क्रिप्टेड चैट्स हैं जिन्हें आप खोना नहीं चाहते, तो सावधान हो जाएं:
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डेटा डाउनलोड करें: 8 मई 2026 से पहले अपनी जरूरी चैट्स का बैकअप ले लें। ऐप के भीतर ‘Download Your Information’ सेक्शन में जाकर आप अपना डेटा सेव कर सकते हैं।
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प्लेटफॉर्म शिफ्ट करें: किसी भी गोपनीय या प्रोफेशनल बातचीत के लिए अब Instagram DMs के बजाय Signal या WhatsApp का रुख करें।
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सेटिंग्स चेक करें: आने वाले दिनों में Instagram आपको डेटा सेव करने के लिए कुछ ‘प्रॉम्प्ट्स’ (नोटिफिकेशन) भेज सकता है, उन्हें नजरअंदाज न करें।
मेटा का यह कदम प्राइवेसी की दिशा में एक ‘पीछे की ओर कदम’ माना जा रहा है। एक तरफ दुनिया डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रही है, वहीं Instagram जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से सुरक्षा कवच का हटना यूजर्स के लिए एक चेतावनी की तरह है।
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