लखनऊ | शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
आगरा के बहुचर्चित धर्मांतरण और मानव तस्करी मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। राजस्थान के डीडवाना-कुचामन की रहने वाली एक सीए (CA) छात्रा ने करीब 9 महीने बाद चुप्पी तोड़ते हुए इस गिरोह के खिलाफ अदालत में बयान दर्ज कराए हैं। छात्रा ने बताया कि किस तरह गोवा की आयशा (एस.बी. कृष्णा) ने उसे सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाया और उसे कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश की।
जांच में सामने आया है कि छात्रा को जयपुर से दिल्ली बुलाकर धर्मांतरण कराने और फिर वहां से कोलकाता भेजने की पूरी तैयारी थी। समय रहते जुलाई 2025 में आगरा पुलिस द्वारा गैंग का भंडाफोड़ होने के कारण छात्रा इस नरक में जाने से बच गई।
कनाडा में छिपा है मास्टरमाइंड, घर पर मुनादी शुरू
इस पूरे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का मुख्य सरगना सय्यद दाउद अहमद है, जो मध्य प्रदेश के भोपाल का निवासी है और वर्तमान में कनाडा में बैठकर नेटवर्क चला रहा है। आगरा पुलिस ने दाउद के खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाल ही में पुलिस ने उसके भोपाल स्थित घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है और मुनादी कराई है कि यदि वह सरेंडर नहीं करता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई (बुलडोजर एक्शन) की जाएगी।
जुलाई 2025 की वो कार्रवाई जिसने हिला दिया था नेटवर्क
बता दें कि इस गिरोह का पर्दाफाश जुलाई 2025 में हुआ था, जब आगरा पुलिस ने 6 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें अब्दुल रहमान उर्फ चाचा, पीयूष पंवार उर्फ मोहम्मद अली और आयशा जैसे मुख्य चेहरे शामिल थे। पुलिस ने तब कोलकाता के तपसिया इलाके से दो सगी बहनों को मुक्त कराया था, जिनका धर्मांतरण कर उन्हें बंधक बनाया गया था।
ISIS पैटर्न और टेरर फंडिंग के तार
एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह और सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस गिरोह के तार बेहद खतरनाक संगठनों से जुड़े मिले हैं:
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टेरर लिंक: गिरोह के तार लश्कर और PFI जैसे संगठनों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
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विदेशी फंडिंग: आरोपियों को कनाडा, यूएई और अमेरिका से फंडिंग मिल रही थी।
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डार्क वेब का उपयोग: शिकार तलाशने और बातचीत के लिए गिरोह ‘डार्क वेब’ और ‘सिग्नल’ जैसे एन्क्रिप्टेड एप्स का इस्तेमाल करता था।
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मानव तस्करी: पुलिस को संदेह है कि लड़कियों का धर्मांतरण केवल धार्मिक उद्देश्य नहीं, बल्कि मानव अंगों की तस्करी और देह व्यापार के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है।
पीड़िता की काउंसलिंग और ‘ब्रेनवाश’ की काट
पुलिस के अनुसार, नई सामने आई छात्रा का बहुत गहरा ब्रेनवाश किया गया था। लंबे समय तक विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग और परिवार के सहयोग के बाद वह बयान देने के लिए तैयार हुई। पुलिस का मानना है कि छात्रा के ये बयान मास्टरमाइंड सय्यद दाउद के प्रत्यर्पण (Extradition) और अन्य आरोपियों को उम्रकैद दिलाने में सबसे मजबूत सबूत साबित होंगे।
मुख्य बिंदु:
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राजस्थान की छात्रा ने दर्ज कराए बयान; गोवा की आयशा ने सोशल मीडिया पर बिछाया था जाल।
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जुलाई 2025 में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब 15वीं पीड़िता आई सामने।
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कनाडा में छिपे सरगना सय्यद दाउद के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और कुर्की की प्रक्रिया तेज।
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ISIS पैटर्न पर ब्रेनवाश, डार्क वेब और टेरर फंडिंग के मिले पुख्ता सबूत।
Matribhumisamachar


