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कानपुर में ‘गैस माफिया’ पर बड़ा एक्शन: जैतापुर के रिहायशी घर में रसायनों के बीच छिपा था मौत का सामान

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कानपुर के जैतापुर और ग्वालटोली में अवैध गैस गोदाम पर छापेमारी करते प्रशासनिक अधिकारी।

कानपुर. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में रसोई गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतापुर गांव में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की, जहाँ एक रिहायशी घर के भीतर चल रहे अवैध गैस साम्राज्य का भंडाफोड़ हुआ।

जैतापुर में खौफनाक मंजर: रसायनों के बीच छिपे थे सिलेंडर

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जैतापुर स्थित इस अवैध गोदाम में न केवल एलपीजी सिलेंडरों की रीफिलिंग की जा रही थी, बल्कि वहां भारी मात्रा में संदिग्ध रसायन और एसिड भी बरामद हुए हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि घनी आबादी वाले इलाके में एक बड़े हादसे को दावत देने जैसा था। पुलिस ने मौके से एक मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि इस खेल में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।

ग्वालटोली से जैतापुर तक बिछा है कालाबाजारी का जाल

कानपुर में यह कार्रवाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इससे पहले ग्वालटोली और दो अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर प्रशासन 49 गैस सिलेंडर और रिफिलिंग के आधुनिक उपकरण बरामद कर चुका है।

छापेमारी के मुख्य बिंदु:

  • पकड़े गए उपकरण: नोजल, गैस ट्रांसफर पाइप और वेटिंग मशीन।

  • अवैध धंधा: घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी कर उन्हें कमर्शियल सिलेंडरों में भरा जा रहा था।

  • विभागीय कार्रवाई: अब तक 101 से अधिक शिकायतें विभाग के पास पहुंच चुकी हैं।

प्रशासनिक दावे बनाम जमीनी हकीकत

एक ओर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि जिले में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर कानपुर की सड़कों पर नजारा कुछ और ही है।

  • लंबी कतारें: शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग रही हैं।

  • कमर्शियल संकट: सबसे बुरा हाल शहर के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों का है। कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत के कारण कई छोटे व्यापारियों का काम ठप होने की कगार पर है।

  • बढ़ती कीमतें: कानपुर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से 928 रुपये के बीच पहुंच गई है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।

सावधान! गैस की किल्लत हो या ओवरचार्जिंग, यहाँ करें शिकायत

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे कालाबाजारी करने वालों के हौसले पस्त करने में सहयोग दें। अगर कोई एजेंसी आपसे निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे मांगती है या गैस की उपलब्धता होने के बावजूद मना करती है, तो आप तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:

माध्यम संपर्क विवरण
लैंडलाइन नंबर 0512-2988763
व्हाट्सएप नंबर 6394616122
मुख्यालय जिला पूर्ति कार्यालय, कानपुर

आगे क्या?

प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले 48 घंटों में शहर के कुछ अन्य रिहायशी इलाकों और गोदामों पर छापेमारी की जा सकती है। इसके साथ ही, गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिलेंडरों की यह ‘कृत्रिम कमी’ कहीं जानबूझकर तो पैदा नहीं की गई।

matribhumisamachar.com

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