शुक्रवार, मार्च 13 2026 | 05:13:47 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / म्यूनिख में पाकिस्तान सेना प्रमुख की ‘बेइज्जती’? जानें वायरल वीडियो का सच

म्यूनिख में पाकिस्तान सेना प्रमुख की ‘बेइज्जती’? जानें वायरल वीडियो का सच

Follow us on:

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की सुरक्षा जांच

म्यूनिख. जर्मनी में आयोजित प्रतिष्ठित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस (MSC) में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की मौजूदगी विवादों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर जहाँ पाकिस्तान इसे वैश्विक स्तर पर अपनी भागीदारी के तौर पर देख रहा है, वहीं दूसरी ओर कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई एक घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की ‘बेइज्जती’ के दावे किए जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि जब पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर कॉन्फ्रेंस वेन्यू के भीतर प्रवेश कर रहे थे, तब वहां तैनात एक महिला सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें रोक लिया। सुरक्षा अधिकारी ने मुनीर से उनका आइडेंटिटी कार्ड (ID Card) सीधा करने और उसे ठीक से दिखाने का निर्देश दिया।

इस छोटी सी घटना को सोशल मीडिया पर “प्रोटोकॉल की कमी” और “पाकिस्तान की साख में गिरावट” के तौर पर देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि एक आर्मी चीफ को इस तरह साधारण सुरक्षा जांच के लिए रोकना उनकी अंतरराष्ट्रीय हैसियत को दर्शाता है।

सिंधी संगठनों का कड़ा विरोध

सिंध के राजनीतिक संगठन जय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने जनरल मुनीर की इस कॉन्फ्रेंस में मौजूदगी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • प्रोटेस्ट और आपत्ति: JSMM के सदस्यों ने वेन्यू के बाहर प्रदर्शन किया और पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को उठाया।

  • वैश्विक संस्थाओं को पत्र: संगठन के चेयरमैन शफी बुरफत ने संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU) और जर्मन सरकार को आधिकारिक पत्र लिखकर पाकिस्तान को न्योता दिए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और पीड़ितों के लिए एक ‘सदमा’ करार दिया।

तथ्यों की स्पष्टता

यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में उन्हें ‘फील्ड मार्शल’ कहा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर असीम मुनीर पाकिस्तान के सेना प्रमुख (General) हैं। पाकिस्तान के सैन्य इतिहास में अब तक केवल जनरल अयूब खान ही ‘फील्ड मार्शल’ के पद तक पहुंचे थे।

निष्कर्ष

म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस दुनिया भर के नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच संवाद का एक बड़ा मंच है। लेकिन पाकिस्तान के लिए यह दौरा कूटनीतिक उपलब्धियों से ज्यादा ‘आईडी कार्ड’ विवाद और मानवाधिकारों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों की वजह से चर्चा में बना हुआ है।

matribhumisamachar.com

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

इराक के पास हमले का शिकार हुआ तेल टैंकर Seaface Vishnu

मिडिल ईस्ट में कोहराम: अमेरिकी तेल टैंकर ‘Seaface Vishnu’ पर सुसाइड बोट से हमला, एक भारतीय की मौत

दुबई. पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक खतरनाक मोड़ ले चुका है। …