इस्लामाबाद | बुधवार, 15 अप्रैल 2026
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित तौंसा (Taunsa) के Tehsil Headquarters (THQ) अस्पताल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक विशेष जांच में पता चला है कि अस्पताल की आपराधिक लापरवाही के कारण सैकड़ों मासूम बच्चे Human Immunodeficiency Virus (HIV) की चपेट में आ गए हैं।
इस भयावह सच का खुलासा तब हुआ जब BBC की ‘Eye’ जांच टीम ने अस्पताल के भीतर 32 घंटों तक गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की। फुटेज में देखा गया कि चिकित्सा कर्मचारी एक ही सिरिंज और ड्रिप सेट का उपयोग बार-बार अलग-अलग मरीजों पर कर रहे थे।
📽️ अंडरकवर ऑपरेशन: कैमरे में कैद हुई लापरवाही
BBC की फुटेज में जो दिखा, वह किसी बुरे सपने जैसा था:
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सिरिंज का पुन: उपयोग: अस्पताल के स्टाफ को दवाओं की ‘मल्टी-डोज’ शीशियों में बार-बार पुरानी सिरिंज डालते देखा गया।
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दूषित दवाएं: एक बार सिरिंज दूषित होने के बाद, उससे निकाली गई दवा अन्य बच्चों के शरीर में भी वायरस पहुंचा रही थी।
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बिना सुरक्षा उपाय: स्टाफ बिना दस्ताने पहने इंजेक्शन लगा रहा था और चिकित्सा कचरे का निपटान भी असुरक्षित तरीके से किया जा रहा था।
विशेषज्ञ की चेतावनी: माइक्रोबायोलॉजिस्ट अल्ताफ अहमद ने बताया, “सिर्फ सुई बदलना काफी नहीं है; अगर सिरिंज का पिछला हिस्सा (बैरल) संक्रमित है, तो वह पूरी दवा को जहर बना देता है।”
💔 पीड़ित परिवारों की दास्तां: ‘अमीन’ की मौत और ‘असमा’ का संघर्ष
इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक चेहरा 8 वर्षीय मोहम्मद अमीन बना, जिसकी HIV के कारण मृत्यु हो गई। अमीन की छोटी बहन असमा भी अब HIV पॉजिटिव है। उनके माता-पिता का कहना है कि उनके बच्चों को कभी खून नहीं चढ़ाया गया, वे केवल सामान्य बुखार के इलाज के लिए अस्पताल गए थे।
चौंकाने वाला तथ्य: जांच में पाया गया कि प्रभावित 97 परिवारों में से केवल 4 माताएं HIV पॉजिटिव थीं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि संक्रमण मां से बच्चे में नहीं, बल्कि अस्पताल की गंदी सुइयों से फैला है।
📉 आंकड़ों में भयावहता
| विवरण | आंकड़े |
| कुल संक्रमित बच्चे (नवंबर 2024 – अक्टूबर 2025) | 331 |
| संक्रमण का मुख्य कारण | दूषित सुइयां और ड्रिप सेट |
| अंडरकवर रिकॉर्डिंग का समय | 32 घंटे |
| WHO की रिपोर्ट का निष्कर्ष | संक्रमण नियंत्रण में गंभीर विफलता |
⚖️ प्रशासन का इनकार और वैश्विक चिंता
इन पुख्ता सबूतों के बावजूद, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) ने फुटेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं और इसे ‘पुराना’ करार दिया है। हालांकि, मार्च 2025 में प्रशासन ने शुरुआती जांच के बाद कुछ अधिकारियों को निलंबित किया था, लेकिन BBC की रिपोर्ट साबित करती है कि सुधार के वादे कागजी ही रहे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNICEF ने भी इस क्षेत्र में संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) की स्थिति को बेहद दयनीय बताया है। पाकिस्तान में अनावश्यक इंजेक्शन लगाने की प्रथा और संसाधनों की कमी इस तरह की त्रासदियों को बार-बार जन्म दे रही है।
HIGHLIGHTS:
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरकारी अस्पताल की बड़ी लापरवाही आई सामने।
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नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 331 मासूम बच्चे पाए गए HIV पॉजिटिव।
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BBC की अंडरकवर जांच में नर्सों और स्टाफ को सिरिंज दोबारा इस्तेमाल करते पाया गया।
निष्कर्ष
तौंसा की यह घटना 2019 के रतोदेरो (सिंध) मामले की याद दिलाती है, जहाँ सैकड़ों बच्चे इसी तरह संक्रमित हुए थे। यह केवल एक अस्पताल की विफलता नहीं, बल्कि एक पूरी स्वास्थ्य प्रणाली की विफलता है, जहाँ एक सिरिंज की कीमत मासूमों की जान से ज्यादा समझी गई।
Matribhumisamachar


