इंदौर | बुधवार, 15 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक मासूम हिंदू किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर बिहार ले जाने की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया। दिल्ली के शाहीन बाग से आए एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना में सबसे अहम भूमिका इंदौर के जागरूक ऑटो रिक्शा चालकों की रही, जिन्होंने ‘सिंघम’ की तरह मुस्तैदी दिखाकर एक बच्ची का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ ‘ब्रेनवॉश’ का खेल
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी आफताब (पुत्र आजाद खान), जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली के शाहीन बाग में रह रहा था, ने इंस्टाग्राम के जरिए किशोरी से संपर्क साधा था।
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लंबे समय तक चैटिंग: आरोपी पिछले कई महीनों से किशोरी के संपर्क में था।
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मानसिक प्रभाव (Brainwashing): आफताब ने किशोरी को इस कदर अपने प्रभाव में ले लिया था कि वह अपना घर और माता-पिता को छोड़कर उसके साथ जाने को तैयार हो गई।
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अपहरण की प्लानिंग: आरोपी दिल्ली से इंदौर सिर्फ किशोरी को साथ ले जाने के लिए आया था, ताकि उसे वहां से बिहार ले जा सके।
सतर्क ऑटो चालकों ने बिगाड़ा आरोपी का गेम
मंगलवार दोपहर जब आफताब किशोरी को लेकर इंदौर के व्यस्त सरवटे बस स्टैंड पहुँचा, तो उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। वहां मौजूद ऑटो चालकों ने देखा कि युवक और किशोरी के बीच तालमेल कुछ अजीब है और युवक घबराया हुआ है।
“हमें युवक की हरकतों पर शक हुआ। वह किशोरी को जल्दी-जल्दी बस में बैठाने की कोशिश कर रहा था। हमने बिना देर किए छोटी ग्वालटोली पुलिस को फोन कर दिया।” — एक चश्मदीद ऑटो चालक
पुलिस की पूछताछ और बड़ा खुलासा
सूचना मिलते ही छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी संजू काम्बले टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
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गुमराह करने की कोशिश: शुरुआत में आफताब ने पुलिस को झूठी कहानियां सुनाईं और खुद को बेकसूर बताया।
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किशोरी का बयान: जब पुलिस ने किशोरी को विश्वास में लेकर अलग से पूछताछ की, तो उसने सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि वह सिमरोल क्षेत्र की रहने वाली है।
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पहले से दर्ज थी FIR: सिमरोल थाने से संपर्क करने पर पता चला कि किशोरी के परिजनों ने पहले ही उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लव जिहाद या मानव तस्करी? हर एंगल से जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में ‘लव जिहाद’ और ‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) जैसे पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या आफताब के साथ इस साजिश में दिल्ली या बिहार के और भी लोग शामिल थे।
अभिभावकों के लिए चेतावनी
यह घटना इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है:
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अपने बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नज़र रखें।
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अजनबियों से दोस्ती के खतरों के बारे में उन्हें जागरूक करें।
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यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आसपास दिखे, तो तुरंत 100 या 112 पर सूचना दें।
इंदौर पुलिस ने सतर्क ऑटो चालकों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया है, जिनकी सूझबूझ से एक मासूम सुरक्षित अपने घर वापस लौट सकी।
Matribhumisamachar


