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गंगा बैराज पर प्रशासन अलर्ट: डीएम ने लिया जलस्तर का जायजा, घाटों पर चेतावनी बोर्ड जारी; जानें क्या हैं कानपुर में बाढ़ के इंतजाम

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कानपुर । बुधवार, 15 जुलाई 2026

मानसून के सक्रिय होते ही कानपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर पर सतत निगरानी रखने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को गंगा बैराज स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैराज पर जलस्तर की स्थिति देखी और बाढ़ से निपटने के लिए की गई प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। डीएम ने अधिकारियों से दैनिक जलस्तर, संभावित परिस्थितियों और राहत व बचाव व्यवस्थाओं की बिंदुवार जानकारी ली।

खतरे के निशान से काफी नीचे है गंगा का जलस्तर

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद जनता को आश्वस्त करते हुए बताया कि गंगा नदी के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है। फ्लड कंट्रोल कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार:

  • अपस्ट्रीम जलस्तर: 112.500 मीटर

  • डाउनस्ट्रीम जलस्तर: 111.900 मीटर

  • बैराज से डिस्चार्ज: 88,557 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

कानपुर गंगा बैराज पर चेतावनी स्तर 114.000 मीटर और खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 1.50 मीटर और खतरे के निशान से 2.50 मीटर नीचे चल रहा है। वहीं, शुक्लागंज गेज पर भी जलस्तर निर्धारित चेतावनी स्तर से काफी नीचे दर्ज किया गया है। प्रशासन के मुताबिक किसी भी नागरिक को घबराने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

प्रमुख घाटों पर लगाए गए चेतावनी संकेतक, गहरे पानी में जाने पर रोक

सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों और घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगवाएं। इसी क्रम में कानपुर के प्रमुख घाटों जैसे:

  • परमट घाट

  • अटल घाट

  • भैरव घाट

  • बिल्हौर तहसील और सदर क्षेत्र के विभिन्न घाट

इन सभी स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं, ताकि लोग गहरे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान कर सकें। जिलाधिकारी ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान नदियों में उफान और तेज बहाव को देखते हुए गहरे पानी में स्नान करने कतई न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

पहली बार कानपुर में तैनात रहेगी NDRF की टीम

शासन के कड़े निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने किसी भी संभावित आपदा या बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। राहत सामग्री, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है। राहत किट वितरण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।

इस वर्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आपातकालीन स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए कानपुर में पहली बार एनडीआरएफ (NDRF) की एक पूरी यूनिट तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर इस टीम को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा जा सकेगा।

इस निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी सहित बाढ़ नियंत्रण एवं राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: वर्तमान में कानपुर गंगा बैराज पर जलस्तर कितना है?

उत्तर: वर्तमान में गंगा बैराज पर अपस्ट्रीम जलस्तर 112.500 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम जलस्तर 111.900 मीटर दर्ज किया गया है, जो पूरी तरह सुरक्षित श्रेणी में है।

प्रश्न 2: कानपुर में गंगा नदी के लिए खतरे का निशान क्या है?

उत्तर: गंगा बैराज पर चेतावनी स्तर 114.000 मीटर और खतरे का निशान 115.000 मीटर निर्धारित है।

प्रश्न 3: प्रशासन ने कानपुर के किन घाटों पर चेतावनी संकेतक लगाए हैं?

उत्तर: सुरक्षा के मद्देनजर परमट घाट, अटल घाट, भैरव घाट और बिल्हौर सहित सदर क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।

प्रश्न 4: बाढ़ से निपटने के लिए कानपुर में इस बार क्या विशेष व्यवस्था की गई है?

उत्तर: आपात स्थिति से निपटने के लिए कानपुर में पहली बार एनडीआरएफ (NDRF) की एक विशेष यूनिट को तैनात रखा गया है, जो किसी भी समय रेस्क्यू के लिए तैयार रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख आधिकारिक प्रशासनिक निरीक्षण और फ्लड कंट्रोल विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर आधारित है। वर्षा ऋतु में नदियों का जलस्तर तेजी से बदल सकता है, इसलिए नदी के समीप जाने से पहले स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और लाउडस्पीकर से दी जा रही सूचनाओं पर अवश्य ध्यान दें।

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