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मार्केट क्रैश: सेंसेक्स 1000+ अंक टूटा, निवेशकों के 10 लाख करोड़ डूबे; जानें गिरावट की 5 बड़ी वजहें

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मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को ‘फ्री फॉल’ जैसी स्थिति देखी गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों के डर से बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी अपने तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।

1. बाजार का लेखा-जोखा (Closing Snapshot)

  • Sensex: 1065.47 अंक (1.28%) गिरकर 82,180.47 पर बंद हुआ।

  • Nifty 50: 353.00 अंक (1.38%) लुढ़ककर 25,232.50 पर बंद हुआ।

  • Bank Nifty: 487 अंक टूटकर 59,300 के करीब बंद हुआ।

  • निवेशकों का नुकसान: मात्र एक दिन में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 10.17 लाख करोड़ रुपये घट गया।

2. गिरावट के 5 मुख्य कारण

  1. ट्रंप की टैरिफ नीतियां: अमेरिका द्वारा यूरोपीय और एशियाई देशों पर नए टैरिफ (Taxes) लगाने की संभावना ने वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) का डर पैदा कर दिया है।

  2. FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अकेले सोमवार को ₹3,262 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे। जनवरी में यह लगातार 10वां सत्र है जब विदेशी फंड्स बाहर निकल रहे हैं।

  3. कमजोर तिमाही नतीजे (Q3 Results): तीसरी तिमाही के नतीजों में दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

  4. रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया ₹91 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार से मुनाफा निकालना महंगा हो गया है।

  5. जियोपॉलिटिकल तनाव: ग्रीनलैंड और यूक्रेन विवाद को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने रिस्क सेंटीमेंट को खराब किया है।

3. टॉप गेनर्स और लूजर्स

आज बाजार का हाल इतना बुरा था कि सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए।

  • टॉप लूजर्स: जोमैटो ($-4\%$), बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo)।

  • टॉप गेनर: केवल HDFC Bank ही मामूली बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद होने में सफल रहा।

  • सेक्टर का हाल: निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में $5.33\%$ की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो एक दशक में इसकी सबसे खराब शुरुआत में से एक है।

सोना-चांदी: रिकॉर्ड ऊंचाई पर

शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने ‘सुरक्षित निवेश’ के तौर पर सोने-चांदी का रुख किया।

  • चांदी: इतिहास में पहली बार ₹3.26 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई।

  • सोना: 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गई है।

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