वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दावोस (World Economic Forum 2026) की यात्रा नाटकीय मोड़ के साथ शुरू हुई। उनके विमान एयर फोर्स वन (Air Force One) में उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उन्हें वापस वाशिंगटन लौटना पड़ा और दूसरे विमान से यात्रा फिर से शुरू करनी पड़ी।
एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी: क्या हुआ था?
मंगलवार रात (अमेरिकी समयानुसार) जब राष्ट्रपति ट्रंप का विमान वाशिंगटन के करीब ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ से स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुआ, तो लगभग 30 मिनट की उड़ान के बाद क्रू ने “मामूली विद्युत खराबी” (Minor Electrical Issue) का पता लगाया।
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विमान की वापसी: सुरक्षा कारणों और अत्यधिक सावधानी बरतते हुए, पायलटों ने विमान को अटलांटिक महासागर के ऊपर से यू-टर्न लेने और वापस लौटने का फैसला किया।
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प्रत्यक्षदर्शियों का विवरण: विमान में सवार संवाददाताओं के अनुसार, उड़ान भरने के तुरंत बाद प्रेस केबिन की लाइटें थोड़ी देर के लिए गुल हो गई थीं।
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सुरक्षा स्थिति: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे और यह केवल एक एहतियाती कदम था।
दूसरे विमान से रवानगी
वापस लौटने के लगभग दो-ढाई घंटे बाद, राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रतिनिधिमंडल दूसरे आरक्षित विमान में सवार होकर आधी रात के आसपास फिर से दावोस के लिए रवाना हुए। इस देरी के बावजूद, उनके निर्धारित कार्यक्रमों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
दावोस 2026: ट्रंप का एजेंडा और चुनौतियां
ट्रंप 6 साल बाद पहली बार दावोस के मंच पर लौट रहे हैं। उनका यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और विवादास्पद है:
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सबसे बड़ा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल: ट्रंप के साथ 300 से अधिक अधिकारियों का दल है, जो दावोस के इतिहास का सबसे बड़ा अमेरिकी डेलीगेशन है। इसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट जैसे दिग्गज शामिल हैं।
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ग्रीनलैंड विवाद: ट्रंप के दावोस पहुंचने से पहले ही यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बना हुआ है, विशेष रूप से ग्रीनलैंड को लेकर उनके दावों और यूरोपीय देशों पर लगाए गए नए टैरिफ (Tariffs) के कारण।
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मुख्य संबोधन: ट्रंप आज (21 जनवरी 2026) दावोस के कांग्रेस सेंटर में अपना विशेष संबोधन देंगे, जिसमें वे अपनी आर्थिक नीतियों और वैश्विक सुरक्षा पर अपना दृष्टिकोण रखेंगे।
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