लखनऊ. प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के चौथे और सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026) पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद त्रिवेणी संगम पर लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है।
तीर्थराज प्रयागराज में आज ‘ऋतुराज’ बसंत का स्वागत आध्यात्मिक उत्साह के साथ किया गया। माघ मेले के चौथे मुख्य स्नान पर्व बसंत पंचमी पर ब्रह्ममुहूर्त से ही संगम के रेतीले घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। प्रयागराज मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन संगम पर 3.58 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यह संख्या पिछले महाकुंभ (2025) के रिकॉर्ड से भी अधिक रही।
🕉️ पुरी के शंकराचार्य और संतों का सानिध्य
आज के स्नान का मुख्य आकर्षण जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती (पुरी पीठ) का सानिध्य रहा। उन्होंने अपने शिविर से शिष्यों के साथ संगम तट पहुंचकर स्नान किया और राष्ट्र कल्याण की कामना की। उनके साथ विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों ने भी पीले वस्त्र धारण कर मां सरस्वती और गंगा मैया की स्तुति की।
🧘♂️ योगगुरु बाबा रामदेव की मौजूदगी
स्नान पर्व से एक दिन पूर्व ही योगगुरु स्वामी रामदेव भी माघ मेला पहुंचे। उन्होंने संगम में डुबकी लगाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई मेला व्यवस्थाओं, विशेषकर स्वच्छता और सुरक्षा की जमकर सराहना की।
मेला क्षेत्र की प्रमुख व्यवस्थाएं
प्रशासन ने इस विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक और विस्तृत योजना का सहारा लिया:
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घाटों का विस्तार: संगम क्षेत्र में लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे 24 घाट बनाए गए थे ताकि लोग बिना किसी बाधा के स्नान कर सकें।
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AI और ड्रोन निगरानी: पहली बार 150 से अधिक AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) युक्त कैमरों और ड्रोनों का उपयोग भीड़ के घनत्व को मापने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया।
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पुष्प वर्षा: स्नान कर रहे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने आध्यात्मिक वातावरण को और भी भव्य बना दिया।
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यातायात प्रबंधन: नए यमुना पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था और 42 अस्थाई पार्किंग स्थलों के माध्यम से वाहनों को शहर के बाहर ही नियंत्रित किया गया।
🛠️ हाई-टेक सुरक्षा और AI का पहरा
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने इस बार अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं:
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AI कैमरे और ड्रोन: पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं, जिनमें से 150 अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस हैं, जो भीड़ के दबाव का रियल-टाइम विश्लेषण कर रहे हैं।
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घाटों की लंबाई: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3.5 किलोमीटर लंबे 24 अस्थाई घाट बनाए गए हैं।
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सुरक्षा बल: यूपी एटीएस (ATS), एसटीएफ (STF), और जल पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।
✨ गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल बसंत पंचमी पर गजकेसरी और शिवयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि आज के दिन संगम स्नान से ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पीले वस्त्र, पीले फूल और केसरी हलवे का दान कर पुण्य कमाया।
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