नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। यह बैठक नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की गई, जिसमें रेलवे, एविएशन, मेट्रो और कृषि क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर मुहर लगाई गई।
1. रेलवे का कायाकल्प: ₹9,072 करोड़ का निवेश
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेल नेटवर्क के विस्तार और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी गई है:
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गोंदिया-जबलपुर डबलिंग: ₹5,236 करोड़ की लागत से इस रूट को डबल किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी सुधरेगी।
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पुनारख-किउल तीसरी व चौथी लाइन: ₹2,668 करोड़ के निवेश से पूर्वी भारत के रेल ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
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गम्हरिया-चांडिल विस्तार: औद्योगिक क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए ₹1,168 करोड़ की लागत से अतिरिक्त लाइनें बिछाई जाएंगी।
2. श्रीनगर एयरपोर्ट और अहमदाबाद मेट्रो को विस्तार
हवाई और शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं:
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श्रीनगर नया टर्मिनल: जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹1,667 करोड़ की लागत से एक नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया जाएगा।
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अहमदाबाद मेट्रो (Phase-2B): शहर की लाइफलाइन माने जाने वाली मेट्रो के विस्तार के लिए ₹1,067 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
3. जूट किसानों के लिए बड़ी राहत (MSP)
किसानों के हित में फैसला लेते हुए कैबिनेट ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी है। इस फैसले से करीब ₹430 करोड़ का अतिरिक्त बोझ सरकारी खजाने पर आएगा, लेकिन इसका सीधा लाभ पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों के लाखों जूट किसानों को मिलेगा।
4. ‘सेवा तीर्थ’ से नए भारत की शुरुआत
यह कैबिनेट बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि यह नवनिर्मित ‘सेवा तीर्थ’ कार्यालय में हुई। इसे आधुनिक प्रशासन और विकास की नई कार्य-संस्कृति का केंद्र माना जा रहा है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा।
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