प्रयागराज । सोमवार, 25 मई 2026
संगम नगरी प्रयागराज से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां ‘डायसिस ऑफ लखनऊ’ (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया) संस्था द्वारा संचालित एक प्रतिष्ठित स्कूल की महिला प्रिंसिपल ने संस्था के सर्वोच्च पदाधिकारियों पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप), मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कर्नलगंज थाने में संस्था के चेयरमैन (बिशप) समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
नौकरी जाने के डर से एक साल तक सहती रही जुल्म
मूल रूप से बिहार की रहने वाली पीड़िता करीब 15 साल पहले प्रयागराज आई थीं, जहां उन्हें बिशप जॉनसन एक्सटेंशन विंग, कटरा में हेडमिस्ट्रेस (अब प्रिंसिपल) के पद पर नियुक्त किया गया था। दो वर्ष पूर्व अपने पति से तलाक ले चुकीं महिला प्रिंसिपल ने अपनी शिकायत में बताया कि संस्था के अधिकारी उनके अकेलेपन और तलाकशुदा होने का नाजायज फायदा उठा रहे थे।
पीड़िता का आरोप है कि डायसिसियन एजुकेशन बोर्ड (DEB) के सचिव राकेश चत्री, चेयरमैन बिशप मॉरिस एडगर दान और उनका बेटा एलन दान उन्हें पिछले एक साल से लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। नौकरी से निकाले जाने के डर से उन्होंने लंबे समय तक इस जुल्म को सहन किया और किसी को कुछ नहीं बताया।
‘उच्च अधिकारियों को भी संतुष्ट करने’ की दी जा रही थी धमकी
दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया था कि वे पीड़िता को अपने कार्यालयों में बुलाकर अश्लील हरकतें और गंदा काम करते थे। विरोध करने पर गालियां दी जाती थीं और नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जाती थी।
प्रिंसिपल ने एफआईआर में बताया:
“मुझसे कहा गया कि अगर नौकरी बचानी है तो संस्था के ऊपर के अधिकारियों को भी संतुष्ट करना होगा। जब मैंने 7 मई को सेक्रेटरी राकेश चत्री के घर जाने से साफ मना कर दिया, तो बिशप मॉरिस एडगर दान ने फोन पर गालियां दीं और मेरे पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।”
साज़िश में पीड़िता का पूर्व पति भी शामिल
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि महिला के मुताबिक, इस पूरी प्रताड़ना और साज़िश में उनका पूर्व पति विशाल नोवेल सिंह भी आरोपियों का सहयोग कर रहा था। पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि उनके पास इस शारीरिक और मानसिक शोषण से जुड़े सभी पुख्ता डिजिटल और अन्य सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान पुलिस को सौंपेंगी।
कौन हैं मुख्य आरोपी बिशप मॉरिस एडगर दान?
मॉरिस एडगर दान वर्तमान में चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (CNI) के लखनऊ डायसिस के बिशप (पादरी) और प्रशासनिक प्रमुख हैं।
| संस्था का विवरण | मुख्य प्रशासनिक बिंदु |
| संस्था का नाम | डायसिस ऑफ लखनऊ (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया) |
| स्थापना वर्ष | 1893 |
| मुख्यालय | ऑल सेंट्स कैथेड्रल (पत्थर गिरजाघर), सिविल लाइंस, प्रयागराज |
| कार्यक्षेत्र | प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, मिर्जापुर और लखनऊ |
| मुख्य कार्य | ईसाई समुदाय के धार्मिक कार्यों का संचालन, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य संस्थाएं चलाना। |
ध्यान दें: डायसिस ऑफ लखनऊ का प्रशासनिक क्षेत्र और कॉन्वेंट स्कूल पिछले कुछ समय से प्रबंधकीय विवादों और कोर्ट केसों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे के कदम
कर्नलगंज के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विमल किशोर मिश्र ने मीडिया को बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ रही है:
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मेडिकल जांच: पीड़िता का नियमानुसार चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है।
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बयान दर्ज करना: न्यायालय के समक्ष पीड़िता के धारा 164 (CrPC/BNSS) के तहत मजिस्ट्रेट बयान दर्ज कराए जाएंगे।
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साक्ष्यों की जांच: पीड़िता द्वारा दावा किए गए सबूतों और तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स/मैसेज) की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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