मुंबई. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की व्यापारिक शक्ति को लेकर एक बड़ा रोडमैप पेश किया है। बुधवार को मुंबई में आयोजित ‘ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि भारत ने अब तक 38 देशों के साथ 9 मुक्त व्यापार समझौते (FTA) सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं।
इन समझौतों के परिणामस्वरूप, भारतीय उत्पादों और सेवाओं की पहुंच अब दुनिया के लगभग दो-तिहाई वैश्विक बाजारों तक हो जाएगी, जो देश के निर्यात क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
प्रमुख देशों के साथ नई व्यापारिक राहें
मंत्री गोयल ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत के साथ व्यापार करने के लिए दुनिया भर के देशों में भारी उत्साह है:
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चिली: चिली के साथ एफटीए को इसी सप्ताह अंतिम रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है।
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कनाडा: कनाडा के साथ भी वार्ता जल्द शुरू होगी। प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा के दौरान ‘संदर्भ की शर्तों’ (Terms of Reference) को फाइनल किया जा सकता है।
इन क्षेत्रों में आएगी निवेश और रोजगार की बाढ़
वाणिज्य मंत्री के अनुसार, ये समझौते न केवल व्यापार बढ़ाएंगे बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती देंगे। इसका सीधा लाभ निम्नलिखित क्षेत्रों को मिलेगा:
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कृषि एवं मत्स्य पालन: भारतीय किसानों के उत्पादों को वैश्विक मंच मिलेगा।
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श्रम-प्रधान क्षेत्र: कपड़ा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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सेवा और निवेश: द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में मजबूती आने से विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि होगी।
निष्कर्ष
पीयूष गोयल का यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत ‘आत्मनिर्भर’ होने के साथ-साथ एक ‘ग्लोबल ट्रेड हब’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगामी महीनों में कनाडा और चिली के साथ होने वाले समझौते इस कड़ी में मील का पत्थर साबित होंगे।
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