कानपुर. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो हवाला और अवैध कमाई की रकम को लूटने का काम करता था। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब जांच में 1600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ। पुलिस को आशंका है कि इस भारी-भरकम रकम का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में भी किया जा रहा था।
मुठभेड़ के बाद 6 आरोपित गिरफ्तार, 10 लाख से अधिक की बरामदगी
क्राइम ब्रांच ने चकेरी के अहिरवां स्थित हिरामन का पुरवा में देर रात हुई एक मुठभेड़ के बाद दो मुख्य आरोपितों, यासीन और मुजाहिद को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों—लारेब, जीशान, रहमान और शुभान को भी दबोच लिया।
पुलिस ने इन आरोपितों के पास से:
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10.73 लाख रुपये नकद।
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घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
12 बैंकों में 68 खाते: 1600 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजैक्शन
जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो दस्तावेज लगे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। मुख्य साजिशकर्ता और जाजमऊ के टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज के नेटवर्क की जांच में सामने आया कि:
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खातों की संख्या: महफूज और उसके परिवार के नाम पर 12 अलग-अलग बैंकों में कुल 68 खाते संचालित हो रहे हैं।
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लेन-देन की अवधि: वर्ष 2023 से 2025 के बीच इन खातों में लगभग 1600 करोड़ रुपये का नकद ट्रांजैक्शन हुआ है।
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नेटवर्क: कानपुर के अलावा उन्नाव और फतेहपुर की कई संदिग्ध फर्मों से इन खातों में पैसा ट्रांसफर किया जा रहा था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल का बयान: “इस धन का उपयोग हवाला के साथ-साथ देशविरोधी गतिविधियों में होने की प्रबल आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए RBI, आयकर विभाग (IT), जीएसटी (GST) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को विस्तृत जांच के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं।”
कैसे खुला राज? 16 फरवरी की वो लूट की घटना
इस पूरे खेल का पर्दाफाश 16 फरवरी को हुई एक लूट के बाद हुआ। यशोदा नगर निवासी मो. वासिद और उसका साथी अरशद फूलबाग स्थित आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) से पैसे निकालकर जाजमऊ जा रहे थे। श्यामनगर के पास बदमाशों ने उन्हें रोककर तमंचे की बट से हमला किया और रुपयों से भरा बैग लूट लिया।
संदेह का कारण:
वारदात के बाद पीड़ित वासिद ने पहले 25 लाख और फिर 8 लाख की लूट बताई, लेकिन बाद में वह शिकायत दर्ज कराने से ही मुकर गया। पुलिस को दाल में कुछ काला लगा और जब जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, तो पता चला कि उस दिन बैंक से 3.20 करोड़ रुपये निकाले गए थे। इसमें से 25 लाख रुपये महफूज के घर ले जाए जा रहे थे, जो लूटे गए।
आरोपी महफूज फरार: नेपाल और कश्मीर तक फैले तार
मुख्य आरोपी महफूज फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की सर्विलांस टीम को उसकी लोकेशन दिल्ली की जामा मस्जिद, कश्मीर और नेपाल में मिली है। हैरान करने वाली बात यह है कि लूट की घटना के बाद भी महफूज के खाते से 1 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।
केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
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मुख्य आरोपी: महफूज (शिवांग टेनरी का मालिक)।
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एजेंसियां: ED, IT और RBI अब इस मामले की जांच करेंगी।
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गिरफ्तार: 6 शातिर अपराधी जेल भेजे गए।
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धाराएं: लूट, आर्म्स एक्ट और हवाला से संबंधित धाराओं में कार्रवाई।
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