मुंबई | मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
मुंबई से सटे मीरा रोड के नया नगर इलाके में रविवार (26 अप्रैल 2026) तड़के हुई हिंसक घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। 31 वर्षीय जैब जुबैर अंसारी द्वारा दो हिंदू सुरक्षा गार्डों—राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन—पर चाकू से किए गए हमले को अब सामान्य अपराध नहीं, बल्कि ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ (स्व-कट्टरपंथ) का मामला माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को सोलापुर में मीडिया से बात करते हुए इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
“शुरुआती रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि यह ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ का मामला है। ऐसे मामलों में व्यक्ति इंटरनेट, किताबों और कट्टरपंथी साहित्य से प्रभावित होकर दूसरे धर्म के लोगों को निशाना बनाकर ‘जेहाद’ में शामिल होना चाहते हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अब महाराष्ट्र ATS के साथ-साथ NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) भी इस मामले की तह तक जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी अकेला काम कर रहा था या उसे किसी बाहरी संगठन का समर्थन प्राप्त था।
घटना का विवरण और गिरफ्तारी
यह घटना अस्मिता ग्रैंड मेंशन बिल्डिंग (वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे) के निर्माण स्थल पर हुई। आरोपी जैब अंसारी ने गार्डों से पहले उनका नाम और धर्म पूछा, फिर उन्हें ‘कलमा’ सुनाने को कहा। इनकार करने पर उसने धारदार चाकू से हमला कर दिया।
नया नगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र 90 मिनट के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को उसके किराए के घर से गिरफ्तार कर लिया। उस पर हत्या के प्रयास (IPC 307) और धार्मिक शत्रुता बढ़ाने (IPC 153A) जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मातृभूमि समाचार – मीरा रोड क्राइम अपडेट
आरोपी का प्रोफाइल: अमेरिका से लेकर मीरा रोड तक
जाँच में जैब अंसारी के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
-
शिक्षा: वह साल 2019 तक अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
-
पेशा: भारत लौटने के बाद वह केमिस्ट्री और गणित का शिक्षक (Coaching Teacher) बना।
-
डिजिटल फुटप्रिंट: पुलिस को उसके मोबाइल और लैपटॉप में ISIS से जुड़े वीडियो और प्रतिबंधित कट्टरपंथी साहित्य मिला है।
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच पुलिस ने कुछ स्पष्टीकरण दिए हैं:
-
गार्डों की स्थिति: राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन दोनों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
-
मकान खाली करने का नोटिस: आरोपी के मकान मालिक ने उसे पहले ही 5 मई तक कमरा खाली करने का नोटिस दिया था, जिससे वह तनाव में भी था।
Matribhumisamachar


