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कोलकाता सनसनी: टेंगरा में बंद पार्टी दफ्तर से मिले सैकड़ों आधार कार्ड, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

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कोलकाता के टेंगरा में बंद पार्टी कार्यालय के बाहर जमा भीड़ और बरामद किए गए आधार कार्ड की प्रतीकात्मक तस्वीर

कोलकाता । गुरुवार, 28 मई 2026

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महानगर के टेंगरा थाना इलाके के ईस्ट कुष्टिया रोड पर स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यालय से भारी संख्या में नागरिकों के आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय निवासियों में अपनी गोपनीयता (Privacy) को लेकर गहरा डर और गुस्सा है।

कैसे खुली बंद दफ्तर की अलमारी?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह कार्यालय विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से ही पूरी तरह बंद था। यहां पहले वार्ड नंबर 57 के तृणमूल पार्षद जीवन कुमार साहा बैठते थे, लेकिन चुनाव के बाद से यहां किसी नेता या कार्यकर्ता की आवाजाही नहीं देखी गई।

गुरुवार को स्थानीय लोगों का एक समूह किसी कारणवश कार्यालय का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। जब उन्होंने वहां रखी अलमारी को खोला, तो उनके होश उड़ गए। अलमारी के अंदर सैकड़ों की तादाद में आधार कार्ड जमा करके रखे गए थे।

“हमारे असली कार्ड घर पर हैं, तो ये क्या हैं?” – जनता के गंभीर आरोप

इस बरामदगी की खबर फैलते ही कार्यालय के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। जब लोगों ने बरामद कार्डों को देखा, तो उनमें से कई कार्ड उसी इलाके के मौजूदा निवासियों के नाम पर थे।

इस घटना ने कई गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है:

  1. असली बनाम नकली का खेल: कई स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उनके मूल (Original) आधार कार्ड पहले से ही उनके घरों में सुरक्षित हैं। ऐसे में उनके नाम और पते पर दूसरे कार्ड राजनीतिक दफ्तर में क्यों रखे थे, यह उनकी समझ से परे है।

  2. डाक सेवा में हेरफेर का आरोप: इलाके की एक महिला ने रोते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने बहुत मुश्किल से अपनी बेटी का आधार कार्ड बनवाया था, जो उन्हें कभी मिला ही नहीं। उनका आरोप है कि डाकघर (Post Office) में कार्ड आने के बावजूद स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मिलीभगत करके उसे अपने पास रोक लिया।

  3. फर्जी वोटर कार्ड बनाने की आशंका: कुछ स्थानीय निवासियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इन आधार कार्डों का इस्तेमाल फर्जी मतदाता पहचान पत्र (Voter ID Cards) बनाने और चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा था।

महत्वपूर्ण तथ्य

इस तरह की घटनाओं के बाद आम जनता के मन में अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर डर बैठ जाता है। हालांकि, तकनीकी और कानूनी रूप से कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझना जरूरी है:

  • क्या एक नाम पर दो आधार हो सकते हैं? भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की प्रणाली के अनुसार, एक व्यक्ति का केवल एक ही अनूठा आधार नंबर हो सकता है। यदि किसी के पास दो शारीरिक कार्ड हैं, तो भी उनका आधार नंबर और बायोमेट्रिक डेटा एक ही रहेगा। पार्टी कार्यालय में मिले कार्ड संभवतः डाक से रुके हुए मूल कार्ड थे या उनकी फोटोकॉपी/पुनर्मुद्रित (Reprint) प्रतियां थीं।

  • बायोमेट्रिक सुरक्षा: केवल आधार कार्ड की शारीरिक प्रति होने से कोई आपकी पहचान का पूरी तरह दुरुपयोग नहीं कर सकता, क्योंकि वित्तीय लेनदेन या सरकारी योजनाओं के लिए फिंगरप्रिंट, आईरिस (Iris) स्कैन या आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर आने वाले OTP की आवश्यकता होती है।

अपने आधार को सुरक्षित कैसे रखें?

यदि आपको भी डर है कि आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हो सकता है, तो आप तुरंत ये कदम उठा सकते हैं:

  1. आधार को ऑनलाइन लॉक करें: आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या ‘mAadhaar’ ऐप के माध्यम से अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक कर सकते हैं। लॉक होने के बाद कोई भी आपके फिंगरप्रिंट का उपयोग नहीं कर पाएगा।

  2. ई-आधार का उपयोग: यदि आपका कार्ड डाक से नहीं मिला है, तो आप UIDAI की साइट से डिजिटल ‘e-Aadhaar’ डाउनलोड कर सकते हैं, जो पूरी तरह मान्य है।

  3. शिकायत दर्ज करें: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या दस्तावेज चोरी होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस और UIDAI के टोल-फ्री नंबर 1947 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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