लखनऊ । बुधवार, 29 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले संदिग्ध आतंकी आकिब के नेटवर्क से जुड़े सातवें आरोपित, सुहेल, को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सोशल मीडिया बना हथियार
गिरफ्तार आरोपित सुहेल, बिजनौर के जालपुर गांव का निवासी है। पुलिस जांच के अनुसार, सुहेल सीधे तौर पर आकिब के टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था। वह न केवल आकिब के भड़काऊ और धार्मिक उन्माद वाले संदेशों को साझा करता था, बल्कि मुस्लिम युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करने के लिए उकसाने का प्रयास भी कर रहा था।
दक्षिण अफ्रीका से लेकर सऊदी अरब तक के तार
इस मामले की जड़ें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई हैं:
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आकिब का वीडियो: मुख्य आरोपी आकिब (निवासी मेरठ) फिलहाल सऊदी अरब में है। उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें वह एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाते हुए अपना भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड फाड़ता नजर आया था।
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मैजुल की गिरफ्तारी: इससे पहले पुलिस ने सौफतपुर निवासी मैजुल को गिरफ्तार किया था, जो दक्षिण अफ्रीका के एक सैलून में काम करता था और आकिब के साथ वीडियो कॉल के जरिए हथियारों के प्रदर्शन में शामिल था।
एटीएस की एंट्री और जांच में सुधार
शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इस मामले में हथियारों को ‘प्लास्टिक का खिलौना’ मानकर एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी। हालांकि, लखनऊ एटीएस (ATS) द्वारा आकिब के साथी शाकिब की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। शाकिब के पास से पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर के संपर्क मिले, जिसके बाद बिजनौर पुलिस ने आकिब और उसके सहयोगियों की जांच दोबारा शुरू की।
अब तक की कार्रवाई और भविष्य की योजना
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लुक आउट नोटिस: पुलिस ने आकिब और उसके एक अन्य साथी आजाद के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है।
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प्रत्यार्पण के प्रयास: एटीएस अब आकिब का वीजा निरस्त कराने और उसे भारत वापस लाने के लिए दूतावास के संपर्क में है।
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नेटवर्क पर नजर: पुलिस अभी भी उन अन्य संदिग्धों की जांच कर रही है जो टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए इस ग्रुप का हिस्सा थे।
Matribhumisamachar


