मंगलवार, अगस्त 04 2026 | 04:56:40 AM
Breaking News
Home / अन्य समाचार / अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच में बड़े खुलासे, बैंक खातों और संपत्तियों पर कानून का शिकंजा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी जांच में बड़े खुलासे, बैंक खातों और संपत्तियों पर कानून का शिकंजा

Follow us on:

अयोध्या | मंगलवार, 30 जून 2026  

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का शिकंजा अब गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों की बेनामी संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन पर पूरी तरह कस चुका है।

नकदी गिनती की तय प्रक्रिया का हुआ गंभीर उल्लंघन

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच मंदिर की दान पेटियों (Hundi) को खोलने और नकदी की गिनती को लेकर बेहद कड़े नियम तय किए गए थे। स्थापित नियमों के अनुसार:

  1. दान पेटियों को हमेशा ट्रस्ट के अधिकृत अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों की संयुक्त मौजूदगी में ही खोला जाना अनिवार्य था।

  2. नकदी की गिनती सीसीटीवी कैमरों की सख्त निगरानी और दोनों पक्षों के हस्ताक्षरित रिकॉर्ड के बाद ही पूरी मानी जाती थी।

हालांकि, एसआईटी की जांच में यह सामने आया है कि कई मौकों पर इस सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से उल्लंघन किया गया। अधिकारियों की अनुपस्थिति या ढिलाई का फायदा उठाकर ही दान में आई भारी नकदी की हेराफेरी की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैंक की ओर से पहले भी कुछ संदिग्ध कर्मचारियों को हटाने की अनौपचारिक सलाह दी गई थी, जिसकी अब गहनता से पुष्टि की जा रही है।

आपसी विवाद ने खोला ‘चढ़ावा चोरी’ का राज

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित घोटाला किसी रूटीन ऑडिट या रूटीन चेकिंग में नहीं पकड़ा गया। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के बीच गबन की गई रकम के बंटवारे को लेकर भारी विवाद हो गया था। इसी आपसी कलह और असंतोष के कारण यह गुप्त राज बाहर आ गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। स्थानीय अदालत ने इन सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच तेज

पुलिस और एसआईटी की वित्तीय विंग अब गिरफ्तार आरोपियों के पिछले कई वर्षों के बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि दान पेटियों से गायब की गई नकदी को कहां खपाया गया। शुरुआती इनपुट्स में यह बात सामने आई है कि कुछ आरोपियों की संपत्ति में बहुत ही कम समय में अप्रत्याशित रूप से कई गुना बढ़ोतरी हुई है। जांच एजेंसियां अब उनके नाम पर या उनके रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई जमीनों, मकानों और अन्य वित्तीय निवेशों के दस्तावेज जब्त कर रही हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट और एसआईटी की कार्रवाई

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विपक्षी दलों ने भी ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। इस बीच, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मंदिर चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता तय करने को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई थी। हालांकि, अदालत ने इस पर ‘आउट ऑफ टर्न’ (तत्काल) सुनवाई करने से इनकार कर दिया क्योंकि राज्य सरकार पहले ही इस पर बेहद गंभीर है और एसआईटी का गठन कर चुकी है।

प्रशासनिक और वित्तीय विशेषज्ञों की यह तीन सदस्यीय हाई-प्रोफाइल एसआईटी अपनी प्राथमिक जांच और भौतिक मुआयना पूरा कर चुकी है। टीम जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने वाली है, जिसके बाद मंदिर परिसर में दान प्रबंधन प्रणाली (Donation Management System) को और अधिक आधुनिक, डिजिटल और फूलप्रूफ बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा सकते हैं।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों और पुलिस की मुस्तैदी।

पहलगाम आतंकी हमला: पीड़ित के परिवार पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सानूफ पर लगा UAPA, सऊदी अरब से लौटते ही हुआ गिरफ्तार

तिरुवनंतपुरम । सोमवार, 6 जुलाई 2026 केरल पुलिस ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी और आपत्तिजनक …