मुंबई । रविवार, 27 जून 2026
दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस (अशूरा) के दौरान एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाली साजिश को मुंबई पुलिस ने अपनी तत्परता से नाकाम कर दिया है। पुलिस ने पुणे के रहने वाले 39 वर्षीय आरोपी फैयाज प्रेमजी (Faiyaz Premji) को गिरफ्तार किया है, जो मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ और ‘पेनकिलर’ (दर्द निवारक) बताकर अत्यधिक जहरीले रसायन जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) से भरे कैप्सूल बांट रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से 14,900 से अधिक जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं। समय रहते पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ने से बचा ली।
कैसे हुआ इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश?
यह पूरी घटना शुक्रवार रात और शनिवार तड़के (26-27 जून, 2026) के बीच जेजे फ्लाईओवर और भायखला (Byculla) इलाके से गुजर रहे मुहर्रम के पारंपरिक जुलूस के दौरान सामने आई।
डीसीपी (DCP) जयंत मीणा के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब जेजे अस्पताल के डॉक्टरों ने पुलिस को सूचित किया कि सलमान सैयद नाम के एक व्यक्ति को गंभीर पेट दर्द, चक्कर और उल्टी की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया है। पूछताछ में पता चला कि उसने जुलूस के दौरान बांटी जा रही एक ‘दर्द निवारक’ दवा खाई थी।
डॉक्टरों से इनपुट मिलते ही दक्षिण मुंबई में गश्त कर रही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम अलर्ट हो गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भायखला इलाके से एक संदिग्ध व्यक्ति को नीले रंग के प्लास्टिक बैग के साथ दबोच लिया, जिसकी पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई।
30 हजार कैप्सूल और चूहे मारने का जहर: आरोपी का कबूलनामा
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी फैयाज प्रेमजी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसका इरादा धार्मिक जुलूस में आए लोगों को भारी नुकसान पहुँचाना था।
आरोपी से जुड़े मुख्य खुलासे:
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ऑनलाइन ऑर्डर: आरोपी ने ऑनलाइन माध्यम से 30,000 खाली कैप्सूल और 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड (जो आमतौर पर चूहे मारने के लिए इस्तेमाल होने वाला घातक रोडेंटिसाइड है) मंगवाया था।
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खुद तैयार किए कैप्सूल: वह मुंबई के डोंगरी इलाके में एक गेस्ट हाउस/डॉरमेट्री में रुका हुआ था। उसने हर कैप्सूल में करीब 1 ग्राम जिंक फॉस्फाइड जहर खुद अपने हाथों से भरा था।
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लक्षित समूह (Target Group): मुहर्रम के दौरान जो लोग मातम (Self-flagellation) मना रहे थे और चोटिल थे, आरोपी ने उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया। उसने उन्हें झांसा दिया कि यह कैप्सूल खाने से उनका शारीरिक दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा।
क्या है जिंक फॉस्फाइड और यह कितना खतरनाक है?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) एक अत्यंत तीव्र और घातक रासायनिक यौगिक है। जब यह शरीर के भीतर (पेट में) जाता है, तो पेट के एसिड के साथ मिलकर फॉस्फीन (Phosphine) गैस बनाता है।
यह गैस शरीर के भीतर जाते ही मल्टी-ऑर्गन फेल्योर (फेफड़े, लीवर, और किडनी का एक साथ काम बंद करना) का कारण बनती है। इसके सेवन से इंसान की कुछ ही घंटों में मौत हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच: 1 साल में 19 बार ईरान-इराक की यात्रा
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फैयाज प्रेमजी खुद शिया खोजा मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखता है। वह पढ़ा-लिखा (BBA ग्रेजुएट) है और पुणे के विमान नगर का रहने वाला है, जहाँ उसके पिता की पेंट की कंपनी है।
पुलिस के लिए सबसे बड़ा सस्पेंस उसका ट्रैवल रिकॉर्ड है:
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आरोपी वर्ष 2019 से 2025 के बीच कई बार ईरान और इराक जा चुका है।
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चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज एक साल के भीतर उसने 19 बार ईरान और इराक की यात्राएं कीं।
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आरोपी की बहन ईरान में एक फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम करती है और उसकी मां भी फिलहाल वहीं हैं। वह अपनी पत्नी से अलग रह रहा था।
मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र एटीएस (ATS) और केंद्रीय एजेंसियां अब उसके इन दौरों के छिपे हुए उद्देश्यों, उसके मोबाइल डेटा, वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की सघन जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़ी साजिश के पीछे कोई बाहरी स्लीपर सेल या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर (FIR)
भायखला पुलिस ने आरोपी फैयाज प्रेमजी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 110 और 123 के तहत जहर देने और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का गंभीर मामला दर्ज किया है। पुलिस उन सभी लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्होंने अज्ञानता में आरोपी से दवा ली थी, ताकि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता दी जा सके।
Matribhumisamachar


