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गोंडखैरी में प्रकल्प स्वावलंबन के तहत सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम; सिलाई मशीन और जिला परिषद द्वारा कपड़ों के ऑर्डर देने का आश्वासन

गोंडखैरी, कलमेश्वर, सितम्बर, 2026: अदाणी फाउंडेशन और निरामय बहुउद्देशीय सेवा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में प्रकल्प स्वावलंबन: कौशल विकास व महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण समारोह गोंडखैरी के वार्ड क्रमांक 1 में उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में माननीय आमदार डॉ. आशीष देशमुख, माननीय आमदार डॉ. राजीवजी पोतदार, जिला परिषद नागपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माननीय श्री. विनायकजी महामुनी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में गोंडखैरी गाँव की सरपंच सौ. वर्षा विजय अतकरी तथा ग्रामविकास अधिकारी मनोज गोटे उपस्थित थे। अदाणी माइंस की ओर से सुधीर सोनी, श्री. सुनील ठोंबरे, श्री. प्रदीप मेहता, श्री. धीरज पाडोले, श्री. अक्षय डांगे व श्री. अमन सहारे उपस्थित थे। साथ ही, निरामय बहुउद्देशीय सेवा संस्था के अध्यक्ष श्री. प्रकाश पांडा, हिमांशू तागडे, नूतन कांबले, अनघा मोघे, भाग्यश्री टेंभुर्कर और गाँव की महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

कार्यक्रम के दौरान आमदार डॉक्टर आशीष देशमुख व आमदार डॉ. राजीवजी पोतदार ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के उपक्रम की सराहना की। साथ ही, उन्होंने महिला सशक्तिकरण व स्वावलंबन के लिए ऐसे उपक्रमों के महत्व पर जोर दिया।

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इस अवसर पर बीडीओ मैडम ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माननीय श्री. विनायकजी महामुनी ने जिला परिषद स्कूलों के लिए लगने वाले कपड़ों के ऑर्डर प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को देने के बारे में सकारात्मक भूमिका व्यक्त की।

इस उपक्रम से गोंडखैरी परिसर की महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार के अवसर और आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग उपलब्ध होने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण उपक्रम गाँव में शुरू हुआ है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।