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जे-35 लड़ाकू विमान को बेचने के लिए चीन ने भारतीय राफेल जेट गिराने का चलाया था फेक कैम्पेन : अमेरिकी रिपोर्ट

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वाशिंगटन. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ चीन के दुष्प्रचार का पर्दाफाश किया है. यूएस-चीन इकोनोमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अपने जे-35 लड़ाकू विमान को दुनिया में बेचने के लिए रफाल के मलबे की एआई से तैयार की गई तस्वीरों को सोशल मीडिया पर फैलाया था.

J-35 जेट बेचने के लिए चीन ने फैलाया झूठ

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन अपने दोस्त पाकिस्तान की हर तरह से मदद करने में जुटा हुआ था. अमेरिकी संसद की रिपोर्ट में बताया गया कि चीन ने राफेल की जगह दुनियाभर में अपने J-35 फाइटर जेट को बेचने के लिए साजिश रची थी. इसमें बताया गया है कि चीन ने इंडोनेशिया को राफेल खरीदने से रोका था. रिपोर्ट में कहा गया है, “चीनी दूतावास के अधिकारियों ने इंडोनेशिया को पहले से चल रही राफेल जेट विमानों की खरीद रोकने के लिए राजी कर लिया, जिससे अन्य क्षेत्रीय देशों की सैन्य खरीद में चीन की पैठ और बढ़ गई.”

AI-जनरेटेड तस्वीरों के जरिए किया दुष्प्रचार 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन अपने दोस्त पाकिस्तान की हर तरह से मदद करने में जुटा हुआ था. रिपोर्ट खुलासा हुआ कि फ्रांसीसी खुफिया एजेंसियों ने ऐसे सबूत जुटाए हैं कि चीन ने सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो-गेम ग्राफिक्स का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राफेल के मलबे का झूठा प्रचार किया. रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि भारत के महज 03 फाइटर जेट ही पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में गिरे थे और जरूरी नहीं है कि ये सभी रफेल ही हों.

चीन-पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग बढ़ा: यूएस रिपोर्ट

पाकिस्तान ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने भारत के 6 राफेल गिराए थे, लेकिन अमेरिकी संसद में पेश रिपोर्ट ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की पोल खोल दी. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि चीन और पाकिस्तान ने 2024 और 2025 में सैन्य सहयोग को तेज किया है. इसमें कहा गया है, “नवंबर और दिसंबर 2024 में, चीन और पाकिस्तान ने तीन सप्ताह का वॉरियर-VIII एंटी टेररिज्म एक्सरसाइज किया और फरवरी 2025 में चीन की नौसेना ने पाकिस्तान के बहुराष्ट्रीय AMAN अभ्यास में भाग लिया.”

पहली बार इस्तेमाल हुआ चीनी हथियार

भारत और पाकिस्तान के बीच हुई इस झड़प के दौरान पहली बार चीन के हथियारों का इस्तेमाल हुआ था. इनमें एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम, पीएल-15 एयर टू एयर मिसाइल और जे-10 फाइटर जेट शामिल थे. जबकि हकीकत ये थी कि पाकिस्तान में जब भारतीय वायुसेना ने हमला किया, तब चीन की एयर डिफेंस प्रणाली को कानो कान खबर तक नहीं लगी थी. पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम न तो रफाल और न ही ब्रह्मोस मिसाइल (जिन्हें सुखोई से दागा गया था) के हमलों को रोक पाने में नाकाम साबित हुई थी.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन का पाकिस्तान को ऑफर

चीन हमेशा से पाकिस्तान का सबसे बड़ा रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है. इस झड़प के बाद चीन ने पाकिस्तान को 40 J-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, केजे-500 विमान और मिसाइल रक्षा प्रणालियां बेचने की पेशकश की थी. उसी महीने पाकिस्तान ने अपने 2025-26 के रक्षा बजट को 20 फीसदी बढ़ाकर 9 अरब डॉलर कर दिया. अमेरिकी संसद में पेश इस रिपोर्ट से बात और साफ हो गई कि डोनाल्ड ट्रंप जो शहबाज शरीफ के सुर-सुर मिलाकर राफेल को लेकर बयान दे रहे थे वो भी झूठा था.

साभार : एबीपी न्यूज

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