नई दिल्ली. पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। पीएम मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का उपयोग “ओछी राजनीति” के लिए कर रही है, जो विदेशों में बसे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
‘राजनीति से ऊपर है राष्ट्रहित’
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब देश के नागरिक किसी विदेशी धरती पर संकट में हों, तब पूरा देश एक स्वर में बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयान न केवल देश की छवि खराब करते हैं, बल्कि उन देशों के साथ हमारे संबंधों पर भी बुरा असर डालते हैं जहाँ हमारे भाई-बहन काम कर रहे हैं।”
खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
गल्फ देशों (Gulf Countries) की स्थिति पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने देश को आश्वस्त किया कि भारत के मित्र देशों की सरकारें भारतीयों का पूरा ध्यान रख रही हैं।
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चौबीसों घंटे सक्रिय मिशन: खाड़ी क्षेत्र में तैनात भारतीय दूतावास और मिशन 24/7 अलर्ट पर हैं।
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मजबूत कूटनीति: भारत सरकार लगातार विदेशी नेतृत्व के संपर्क में है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में भारतीयों को तत्काल सहायता मिल सके।
पश्चिम एशिया में तनाव: क्या है भारत की रणनीति?
पुराने ऑपरेशनों का दिया हवाला: ‘हमने हमेशा बचाया है’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उनकी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड नागरिकों की सुरक्षा के मामले में बेमिसाल रहा है। उन्होंने प्रमुख उदाहरण पेश किए:
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इराक संकट: जब भारतीय नर्सों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
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यमन रेस्क्यू: फादर टॉम को आतंकियों के चंगुल से छुड़ाने के लिए चलाया गया सफल मिशन।
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वंदे भारत और ऑपरेशन गंगा: हाल के वर्षों में कोविड और यूक्रेन युद्ध के दौरान लाखों भारतीयों की घर वापसी।
“संकट के समय राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता को भरोसा रखना चाहिए कि भाजपा-एनडीए सरकार हर हाल में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।” — पीएम मोदी
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए नई गाइडलाइन जारी
कांग्रेस पर ‘उकसाने’ का आरोप
पीएम मोदी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर हालात को खराब करने और पैनिक (डर) फैलाने की कोशिश कर रही है। उनका दावा है कि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे का उपयोग सरकार के खिलाफ अभियान चलाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति कमजोर करने के लिए कर रहा है।
पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात पर चिंता
वर्तमान में इजरायल, हमास और अन्य क्षेत्रीय संघर्षों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में भारत के लिए अपने प्रवासियों (Expatriates) की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिसे सरकार कूटनीतिक रास्तों से हल करने का प्रयास कर रही है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह बयान न केवल विपक्ष को चेतावनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश भी है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में विदेश मंत्रालय (MEA) इस मुद्दे पर और अधिक विस्तृत एडवायजरी जारी कर सकता है।
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