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Fact Check: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भारतीय सेना के हमले का सच? जानें वायरल वीडियो की असलियत

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भारतीय सेना के नाम पर वायरल हो रहे फर्जी वीडियो का पीआईबी फैक्ट चेक ग्राफिक, जिसमें 'Fake' का स्टैम्प लगा है।

नई दिल्ली | शुक्रवार, 1 मई 2026  

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Elections 2026) के बीच सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना स्थानीय नागरिकों पर हमला कर रही है। वीडियो को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया है।

PIB Fact Check: वीडियो का सच क्या है?

सरकारी समाचार एजेंसी PIB (Press Information Bureau) ने इस वीडियो की सघन जांच की है। फैक्ट चेक के अनुसार, यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।

  • मूल स्थान: यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है।

  • संदर्भ: जांच में पाया गया कि यह ढाका, बांग्लादेश के “मणिकनगर मॉडल हाई स्कूल” के पास का एक पुराना वीडियो है, जिसे गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है।

  • तकनीकी विश्लेषण: वीडियो के कुछ फ्रेम में सेना के वाहनों पर “Bangladesh Army” स्पष्ट रूप से लिखा देखा जा सकता है।

सेना की चुनावी भूमिका: क्या कहती है नियमावली?

यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारतीय सेना की प्राथमिक जिम्मेदारी देश की सीमाओं की रक्षा करना है। चुनाव के दौरान सेना की भूमिका निम्नलिखित होती है:

  1. सीमा सुरक्षा: सेना मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाती है ताकि बाहरी हस्तक्षेप न हो।

  2. आंतरिक सुरक्षा: मतदान केंद्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा CRPF (Central Reserve Police Force), अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस का होता है।

  3. स्वतंत्र चुनाव: भारतीय सेना सीधे तौर पर लाठीचार्ज या नागरिक नियंत्रण जैसी चुनावी प्रक्रियाओं में शामिल नहीं होती है।

निष्कर्ष: भ्रामक सूचनाओं से बचें

सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। इस तरह के वीडियो समाज में भय और वैमनस्य फैलाने के लिए बनाए जाते हैं। संदिग्ध सामग्री की जानकारी आप सीधे PIB Fact Check को दे सकते हैं।

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