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बंगाल चुनाव 2026: मतगणना में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर हाई कोर्ट की मुहर, TMC की याचिका खारिज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता । शुक्रवार, 1 मई 2026

कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका देते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें आगामी 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए केवल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने के भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के फैसले को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का यह कदम पूरी तरह से संवैधानिक और कानूनी दायरे में है।

याचिकाकर्ता के तर्क और आयोग का जवाब

सुनवाई के दौरान टीएमसी सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने दलील दी कि:

  • राज्य सरकार के कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी पर तो लगाया गया, लेकिन मतगणना से उन्हें बाहर रखना भेदभावपूर्ण है।

  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास राज्य कर्मियों को पूरी तरह दरकिनार करने का अधिकार नहीं है।

  • ऐसी व्यवस्था किसी अन्य चुनाव वाले राज्य में लागू नहीं की गई।

इसके जवाब में निर्वाचन आयोग के वकील ने कोर्ट को बताया कि:

  • रिटर्निंग ऑफिसर की हैंडबुक के अनुसार, आयोग के पास केंद्र या राज्य किसी भी राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त करने का विशेषाधिकार है।

  • यह निर्णय चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

  • याचिका का वास्तविक उद्देश्य प्रक्रिया में देरी करना और बाधा उत्पन्न करना है।

अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी

न्यायमूर्ति राव ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि केंद्रीय कर्मी निष्पक्ष नहीं होंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि:

“किसी भी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली में तब तक हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य न हों। यदि भविष्य में गणना के दौरान कोई गड़बड़ी होती है, तो उसे ‘इलेक्शन पिटीशन’ के जरिए चुनौती दी जा सकती है।”

मतदान केंद्रों के स्थानांतरण पर भी विवाद

इसी कड़ी में, वकील बिश्वरूप भट्टाचार्य ने अंतिम समय में मतदान केंद्रों (Polling Centers) के स्थान बदलने के खिलाफ एक अन्य याचिका दायर की है। कोर्ट ने इस मामले पर भी दलीलें सुनीं और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अपडेट (Fact-Check)

  • मतगणना तिथि: ध्यान रहे कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) के बाद मतों की गिनती 4 मई को निर्धारित है।

  • कानूनी अधिकार: चुनाव आयोग के पास लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की व्यापक शक्तियां हैं, जिसे कोर्ट ने भी स्वीकार किया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।