लखनऊ | शुक्रवार, 1 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से संचालित आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने देश को दहलाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश किया है। नोएडा से गिरफ्तार दो आरोपियों—तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और समीर खान—से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह साजिश केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें व्यक्तिगत स्तर पर दहशत फैलाने और टारगेट किलिंग की योजना भी शामिल थी।
आरएसएस दफ्तरों की रेकी और ग्रेनेड हमले का प्लान
एटीएस की जांच के अनुसार, आरोपियों ने लखनऊ और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालयों की सटीक लोकेशन और तस्वीरें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भेजी थीं। उन्हें निर्देश मिले थे कि इन ठिकानों पर हैंड ग्रेनेड से हमला कर बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जाए। जांच में यह भी पाया गया कि सीमा पार बैठे हैंडलर ‘शहजाद भट्टी’ ने इन्हें हथियार उपलब्ध कराने और हमले के बाद सुरक्षित विदेश भेजने का वादा किया था।
एक्स-मुस्लिम और हिंदूवादी नेता थे निशाने पर
इस साजिश का एक नया और गंभीर पहलू ‘टारगेट किलिंग’ है। आरोपियों को विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने इस्लाम त्याग दिया है (Ex-Muslims)।
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सलीम वास्तिक समेत चार लोगों को फोन पर धमकाया गया था।
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धमकी भरे कॉल्स के दौरान पाकिस्तानी एजेंट भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े थे।
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इन कॉल्स को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया ताकि रेडिकलाइजेशन को बढ़ावा दिया जा सके।
इसके अलावा, कई प्रमुख हिंदूवादी नेताओं के घरों पर ग्रेनेड फेंकने की भी योजना तैयार थी।
स्पष्टीकरण (Clarifications)
मीडिया रिपोर्ट्स और जांच के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
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गिरफ्तारी का स्थान: कई प्रारंभिक खबरों में केवल लखनऊ का जिक्र था, लेकिन स्पष्ट रहे कि गिरफ्तारी नोएडा से हुई है।
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सलीम वास्तिक का मामला: सलीम वास्तिक पर पूर्व में हमला हो चुका है, लेकिन वर्तमान जांच में उन्हें और उनके साथियों को फोन पर मिली धमकियों को इस नए ‘हिजबुल्लाह मॉड्यूल’ से जोड़ा गया है।
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रिमांड: कोर्ट ने आरोपियों को 1 मई से 6 मई, 2026 तक की 6 दिवसीय पुलिस कस्टडी रिमांड दी है, न कि न्यायिक हिरासत।
प्रमुख जानकारी तालिका
| विवरण | तथ्य |
| गिरफ्तार आरोपी | तुषार चौहान (बागपत), समीर खान (दिल्ली) |
| मुख्य साजिशकर्ता | शहजाद भट्टी (पाकिस्तानी गैंगस्टर/एजेंट) |
| निशाने पर संस्थान | RSS कार्यालय (दिल्ली और लखनऊ) |
| निशाने पर व्यक्ति | सलीम वास्तिक, इमरोज आलम, हिंदूवादी नेता |
| बरामदगी | पिस्टल, कारतूस और संदिग्ध डिजिटल साक्ष्य |
Matribhumisamachar


