लखनऊ । सोमवार, 11 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र से पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फँसाने और फिर धर्मांतरण के लिए मजबूर करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शोएब अख्तर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सोशल मीडिया पर बढ़ते ‘डिजिटल फ्रॉड’ और पहचान छिपाकर किए जाने वाले अपराधों की ओर इशारा करती है।
फर्जी आईडी से शुरू हुई प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
जानकारी के मुताबिक, आरोपी शोएब अख्तर मूल रूप से गोंडा जिले के वजीरगंज का रहने वाला है। वह वहाँ कर्दा गाँव में ‘प्रोफेशनल शोएब अख्तर सैलून’ नाम से एक दुकान चलाता है। शोएब ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहचान छिपाने के लिए ‘सौरभ सिंह’ के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी।
इसी आईडी के जरिए उसने लखनऊ की एक नाबालिग हिंदू लड़की से दोस्ती की। दोस्ती के बाद आरोपी ने लड़की को अपने जाल में फँसाया और उसके साथ मेल-जोल बढ़ाकर कुछ अश्लील वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कर लीं।
धर्मांतरण का दबाव और ब्लैकमेलिंग
जैसे ही पीड़िता को शोएब की असली पहचान का पता चला और उसने दूरी बनाने की कोशिश की, आरोपी का असली चेहरा सामने आ गया। शोएब ने पीड़िता को धमकाना शुरू कर दिया। उसने साफ शब्दों में कहा— “अब मुसलमान बन वरना ये वीडियो वायरल कर दूँगा।”
जब पीड़िता ने अपनी आस्था छोड़ने और धर्मांतरण करने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौच की और अंततः उसके निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामद सबूत
पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शोएब को गिरफ्तार किया। पुलिस की जाँच में कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं:
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अन्य लड़कियाँ भी निशाने पर: शोएब के फोन से कई अन्य लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो भी बरामद हुए हैं, जिससे यह अंदेशा है कि वह एक ‘सीरियल अपराधी’ हो सकता है।
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मददगारों का नेटवर्क: पुलिस को एक ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है जिसमें कोई अज्ञात व्यक्ति शोएब को पुलिस से बचाने का भरोसा दे रहा है। पुलिस अब इस पहलू की भी जाँच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई बड़ा गिरोह शामिल है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, IT एक्ट, और POCSO एक्ट (नाबालिग होने के कारण) सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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