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Saransh Kanaujia

लेखक 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. कई पुस्तकों का लेखन भी कर चुके हैं. विशेष रूप से राजनीतिक, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर लेख लिखते रहे हैं. तात्कालिक विषयों पर भी अच्छी समझा है.

श्री गांधीग्राम सुंदरकांड सेवा मंडल आयोजित करेगा 7वां वार्षिक उत्सव

कानपुर (मा.स.स.). श्री गांधीग्राम सुंदरकांड सेवा मंडल के द्वारा विगत 6 वर्षों से आप सभी के सहयोग से जो वार्षिक महोत्सव का आयोजन होता रहा है उस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी दिनांक 19 नवंबर 2022 दिन शनिवार को 7वे वार्षिक महोत्सव  की तिथि सुनिश्चित की गई …

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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष की कैंसर से मृत्यु

लखनऊ (मा.स.स.). अत्यंत दु:खद….. बड़े भाई श्री विनय श्रीवास्तव जी, प्रदेश अध्यक्ष (मध्य संभाग) अखिल भारतीय कायस्थ महासभा हम लोगों के बीच नहीं रहे लंबे समय से कैंसर बीमारी का इलाज करा रहे श्री विनय श्रीवास्तव जी का कल रात दिल्ली में स्वर्गवास हो गया अंतिम संस्कार आज शाम को …

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अंक ज्योतिष

अंक विज्ञान, मूलांक, भाग्यांक और नामांक तीन तथ्यों पर आधारित हैं मूलांक का तात्पर्य जातक के जन्म की तारीख के अंकों के योग से है। भाग्यांक का तात्पर्य जन्म की तारीख, माह और सन् के अंकों के योग से है तथा नामांक का अर्थ जातक के नाम के प्रतयेक अक्षर …

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रत्न धारण करने का सही समय और शुभ नक्षत्र: संपूर्ण मार्गदर्शिका

नवग्रह रत्न और उनके संबंधित नक्षत्रों की सूची

विभिन्न ग्रहों के रत्न शुक्ल पक्ष में संबंधित ग्रह के दिन धारण करना चाहिए। यदि उस दिन चंद्रमा उसी ग्रह के नक्षत्र में गोचर कर रहा हो तो वह सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त होगा। विभिन्न रत्नों के धारण हेतु कौन सा नक्षत्र शुभ होगा?         विवरण: – माणिक्य – कृतिका, उ.फा., उ.षा., …

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श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों को मंत्र रूप में सिद्ध करने की संपूर्ण विधि और अष्टांग हवन

विभिन्न कार्यों के लिए श्रीरामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों की सूची

मानस के दोहे-चौपाइयों को सिद्ध करने का विधान यह है कि किसी भी शुभ दिन अष्टांग हवन के द्वारा मंत्र सिद्ध करना चाहिये। फिर जिस कार्य के लिये मंत्र-जप की आवश्यकता हो, उसके लिये नित्य जप करना चाहिये। वाराणसी में भगवान् शंकर के मानस की चौपाइयों को मंत्र-शक्ति प्रदान की …

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पितृदोष – पहचान और निवारण

अपने पूर्वजों के किये पापों का फल जब उसके वंश में किसी एक जातक को भोगना पड़ता है तो उसे पितृदोष कहा जाता है। महाराज दशरथ ने श्रवण को तीर मारने पर श्रवण के माता-पिता ने शाप दे दिया, ‘‘जैसे हम पुत्र-वियोग में मर रहे हैं, वैसे आप भी पुत्र …

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स्वतंत्रता पूर्व की कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

– सारांश कनौजिया जब भी भारत की स्वतंत्रता के संग्राम की बात आती है. कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि कांग्रेस नहीं होती तो हम गुलाम ही बने रहते. किन्तु क्या यही सत्य है. कांग्रेस के पास इसको साबित करने के लिए कई ऐतिहासिक दस्तावेज हैं. बहुत सी पुस्तकें हैं. …

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हमारा संविधान – क्या भूल गए हम पुरानी शासन प्रणाली

– सारांश कनौजिया भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. इस बात पर हम सभी को गर्व है. लेकिन ये संविधान बना कैसे? इसमें कौन से नियम रखने चाहिए और कौन से नहीं इसका निर्णय कैसे लिया गया? इन बातों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है. तभी …

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भारत का स्वतंत्रता संग्राम

– सारांश कनौजिया 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले अग्रेजों से हुए संघर्ष   ऐसा माना जाता है कि 1857 में भारतीय स्वतंत्रता के लिए पहला संग्राम हुआ था। लगभग पूरे देश में एक साथ इतना बड़ा विद्रोह संभवतः पहली बार हुआ हो लेकिन इसका एक दूसरा पक्ष भी है। …

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जम्बूद्वीप का इतिहास: जानिए कैसे अखंड साम्राज्य से आज का भारत बन गया यह क्षेत्र

जम्बूद्वीप के प्राचीन मानचित्र की पौराणिक संरचना का चित्रण जिसमें मध्य में सुमेरु पर्वत और वर्ष दिखाए गए हैं।

नई दिल्ली । अपडेटेड : बुधवार, 8 जुलाई 2026 हिंदू धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन इतिहास में ‘जम्बूद्वीप’ एक ऐसा नाम है जो हमें हमारी समृद्ध और अत्यंत विशाल सभ्यता की याद दिलाता है। आज जब हम भारत के भूगोल को देखते हैं, तो यह प्राचीन जम्बूद्वीप का एक छोटा सा …

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