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महबूबा मुफ्ती, गुलाम नबी आजाद के खिलाफ लड़ेंगी लोकसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार चुनाव होने जा रहा है. जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ रह चुकी पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने घाटी की तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. महबूबा मुफ्ती पूर्व सीएम और DPAP के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद के खिलाफ चुनावी मैदान पर अनंतनाग लोकसभा सीट से ताल ठोकेंगी. दो पूर्व सीएम के बीच होने वाली इस चुनावी भिड़ंत ने अनंतनाग को जम्मू कश्मीर की सबसे हॉई प्रोफाइल सीट बना दिया है.

पीडीपी संसदीय बोर्ड के प्रमुख सरताज मदनी ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष वहीद पारा श्रीनगर से चुनाव लड़ेंगे. वहीं, बारामूला से  पूर्व राज्यसभा सदस्य मीर फयाज चुनाव लड़ेंगे. वहीं, पीडीपी ने घोषणा की है कि वह जम्मू क्षेत्र की दो सीटों उधमपुर और जम्मू में कांग्रेस का समर्थन करेगी. आपको बता दें कि जम्मू और कश्मीर में लोकसभा की कुल पांच सीटें हैं. पीडीपी इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं.

साल 2019 लोकसभा चुनाव में महबूबा मुफ्ती को हार मिली थी. अनंतनाग पर जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी विजेता रहे थे. दूसरे नंबर पर कांग्रेस के गुलाम अहमद मीर रहे थे. महबूबा मुफ्ती तीसरे नंबर पर रही थीं. उन्हें 30,524 वोट मिले थे. साल 2014 लोकसभा चुनाव में महबूबा मुफ्ती को इस सीट पर जीत मिली थी. उन्होंने जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के मिर्जा महमूद बेग को हराया था. हालांकि,साल 2014 में कांग्रेस ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था.

भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू कश्मीर की दो सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है. जम्मू की उधमपुर-कठुआ सीट पर पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा जम्मू से जुगल किशोर शर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है. भाजपा ने घाटी की तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है. कांग्रेस ने जम्मू सीट से पूर्व मंत्री रमन भल्ला और ऊधमपुर कठुआ से पूर्व मंत्री लाल सिंह को उम्मीदवार बनाया है.

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जम्मू कश्मीर में पांच चरणों में चुनाव होंगे. 19 अप्रैल को उधमपुर, 26 अप्रैल को जम्मू, सात अप्रैल को अनंतनाग, 13 मई को श्रीनगर, 20 मई को बारामूला में वोटिंग होगी.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।