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दक्षिण पूर्व एशिया में परिचालन के लिए तैनात भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के जहाजों का मनीला में बंदरगाह पर प्रवास समाप्त

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दक्षिण पूर्व एशिया में चल रही परिचालन तैनाती के एक भाग के रूप में, पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल सुशील मेनन (एफ ओ सी ई एफ) की कमान में, भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस दिल्ली (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर), आईएनएस शक्ति (फ्लीट टैंकर) और आईएनएस किल्टन (एंटी सबमरीन वारफेयर कॉर्वेट) ने मनीला, फिलीपींस में अपना बंदरगाह प्रवास पूरा किया। प्रस्थान के समय इन जहाजों ने 3 – 4 अगस्त 2025 को फिलीपींस के नौसेना के जहाजों के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास किया।

एफओसीईएफ ने फिलीपींस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जिनमें फिलीपीन फ्लीट के कमांडर, आर. एडमिरल जो एंथनी सी. ओर्बे, फिलीपींस के सशस्त्र बलों के उप- प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जिमी डी. लारिडा, सामरिक मूल्यांकन एवं योजना के अवर सचिव इग्नासियो बी. मद्रीगा और ऑपरेशन फिलीपींस तटरक्षक बल के उप- कमांडेंट वाइस एडमिरल एडगर यबानेज़ शामिल थे। इन उच्च- स्तरीय वार्ताओं ने दोनों समुद्री राष्ट्रों के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग को रेखांकित किया और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद- प्रशांत क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित किया। इन बैठकों ने नियम- आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

आईएनएस शक्ति पर आयोजित एक डेक रिसेप्शन ने फिलीपींस में भारत के राजदूत श्री हर्ष कुमार जैन और फिलीपींस की नौसेना व सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित गणमान्य व्यक्तियों के बीच बातचीत का एक और अवसर प्रदान किया। इस कार्यक्रम से भारत- फिलीपींस संबंधों के बीच गर्मजोशी और आपसी सद्भावना को बढ़ावा मिला।

क्रॉस डेक विज़िट, विषय- वस्तु विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और परिचालन योजना सहित व्यावसायिक आदान- प्रदान इस यात्रा के प्रमुख तत्व थे, जिससे सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान हुआ, आपसी समझ मज़बूत हुई और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध हिंद- प्रशांत क्षेत्र के लिए समुद्री सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को बल मिला। समुद्र में आयोजित एक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ने सामरिक युद्धाभ्यास और संचार अभ्यासों के माध्यम से उच्च स्तर के समन्वय का प्रदर्शन किया, जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल और भी मज़बूत हुआ।

जहाज़ों को आगंतुकों के लिए भी खोला गया, जहाँ फ़िलीपीनी नौसेना के कर्मियों, सरकारी अधिकारियों, छात्रों और भारतीय समुदाय के सदस्यों का स्वागत किया गया। इन मुलाकातों ने समुद्री जागरूकता को बढ़ावा दिया और भारतीय नौसेना की व्यावसायिकता और तकनीकी क्षमता को उजागर किया। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने मनीला स्थित फ्रेंडशिप होम फादर लुइस अमीगो अनाथालय का दौरा किया और बच्चों के साथ समय बिताकर करुणा और सद्भावना के बंधन को मज़बूत किया।

दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच मैत्रीपूर्ण खेल आयोजनों ने इस यात्रा को एक अनौपचारिक लेकिन प्रभावशाली आयाम दिया। इन गतिविधियों ने सौहार्द, टीम भावना, आपसी सम्मान को बढ़ावा दिया और वर्दी से परे जाकर विश्वास और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मज़बूत करने में मदद की।

फिलीपींस के बंदरगाह पर यह यात्रा भारत- फिलीपींस समुद्री साझेदारी को मज़बूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। उच्च- स्तरीय कूटनीति, परिचालन सहभागिता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक संपर्क के माध्यम से, भारतीय नौसेना ने एक विश्वसनीय और सहयोगी समुद्री साझेदार के रूप में अपनी भूमिका की पुष्टि की, जो हिंद- प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा प्रगति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारतीय नौसेना और फिलीपींस की नौसेनाओं ने 30 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक द्विपक्षीय अभ्यास में भाग लिया। अभ्यास का बंदरगाह चरण 30 जुलाई से 2 अगस्त 2025 तक चला, जिसमें समुद्र में अभ्यास आयोजित करने की प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई और विषय- वस्तु विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया गया। 3 से 4 अगस्त 2025 तक चले अभ्यास के समुद्री चरण के दौरान, वायु-रोधी, सतह-रोधी और पनडुब्बी-रोधी अभ्यास किए गए।

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