बेंगलुरु. कर्नाटक के मंडया में गणपित विसर्जन के दौरान हिंसा और पथराव की घटना हुई है। हमले में 8 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं हिंसा और पथराव मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि गणपति विसर्जन के लिए निकली शोभायात्रा पर मस्जिद से पथराव किया गया तो जवाबी कार्रवाई करते हुए शोभायात्रा में शामिल युवकों ने भी मस्जिद पर पत्थर बरसाए।
हिंसा के बाद सुबह कैसे हैं हालात?
बता दें कि हिंसा और पथराव के बाद मांड्या में सुबह तनाव का माहौल रहा। पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया है, लेकिन तनाव को देखते हुए धारा 144 भी लागू कर दी है। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने पथराव में घायल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाया और उनके बयान दर्ज किए। हिंदू संगठनों ने गणेश विसर्जन के दौरान हिंसा और पथराव को निंदनीय बताया।
साल 2024 में हुई थी हिंसा-आगजनी
बता दें कि कर्नाटक के मांड्या में पिछले साल भी गणेश विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। 2 गुटों में झड़प और पथराव के दौरान आगजनी तक हुई थी। मांड्या के नागमंगला शहर कई दुकानों और वाहनों को आग लगा दी गई थी, जिसके चलते धारा 144 लागू करनी पड़ गई थी। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करके 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि गणेश विसर्जन के दौरान इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं, बावजूद इसके हालात खराब होने पर इंतजाम धरे रह जाते हैं।
गणेश उत्सव के दौरान हुई 4 घटनाएं
बता दें कि 5 सितंबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में सेसई सड़क गांव में गणेश विसर्जन के दौरान 2 गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। यावद और रावत समुदाय के गुट आपस में भिड़े थे। लाठी-डंडों से मारपीट के बाद कई वाहनों को आग लगा दी गई थी, जिसके चलते भगदड़ के हालात बन गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर FIR दर्ज करके इलाकोंमें पुलिस बल तैनात किया था। 5 सितंबर को ही मध्य प्रदेश उज्जैन में मोटी मस्जिद के पास गणेश विसर्जन के दौरान हिंसा हुई थी।
शोभायात्रा पर पथराव के चलते इलाके में तनाव फैल गया था। लोगों में भगदड़ मचने से कई घायल भी हुए थे। पुलिस ने बल प्रयोग करके भीड़ का कंट्रोल किया था। 26 अगस्त को गुजरात के वड़ोदरा में गणेश विसर्जन के दौरान शोभायात्रा पर अंडे फेंके गए थे। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस घटना को हिंदू उत्सव को अपवित्र करने वाली घटना बताया था। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे। 27 अगस्त को दिल्ली के मंडावली में गणपति पंडाल में हत्या हुई थी।
साभार : न्यूज24
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