भोपाल. राजधानी भोपाल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान सोमवार रात को असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के बाद गौतम नगर थाना क्षेत्र में तनाव फैला रहा. निशातपुरा से शुरू हुआ जुलूस जब आरिफ नगर मेट्रो निर्माण स्थल के पास पहुंचा, तभी अंधेरे का फायदा उठाकर 4-5 अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके. पथराव में गणेश प्रतिमाएं खंडित हो गई. घटना के बाद जुलूस में शामिल झांकी के सदस्यों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने डीआईजी बंगला चौराहे पर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की. देर रात पुलिस अफसरों की समझाइश और आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ.
पथराव के बाद गणेश झांकी के लोग और गुस्साए कार्यकर्ता डीआईजी बंगले चौराहे पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए धरना शुरू कर दिया था. इस दौरान सड़क पर भारी जाम लगा रहा. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू उत्सव समिति सहित अन्य हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और यहां तनाव की स्थिति बन गई. घटना की जानकारी मिलते ही कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात करना पड़ा. गौतम नगर थाने के सामने भी भारी भीड़ रही. लोगों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.
रासुका की कार्रवाई हो, हमारी आस्था पर हमला
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष पंडित चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि प्रशासन से पहले ही सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए. उन्होंने कहा, “यह हमारी आस्था पर हमला है. आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर रासुका की कार्रवाई की जाए.” तिवारी ने दावा किया कि साहिल नाम का युवक इसमें शामिल है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जुलूस को लेकर हमने आरपीएफ की मांग की थी. पुलिस को पहले ही बताया था कि यह इलाका संवेदनशील है और यहां कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए.
पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी होगी
धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मौके पर पहुंचे डीआईजी रियाज इकबाल ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा में सभी झांकियों को विसर्जन स्थल तक भेजा गया.
इलाके में तनाव, पुलिस ने चौकसी बढ़ाई
घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने हालात पर कड़ी नजर रखी है. सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है. भोपाल में विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव की इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने चाहिए थे, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें.
साभार : न्यूज18
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