शुक्रवार, जून 12 2026 | 05:56:55 PM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / मुख्तार अंसारी के बेटे उमर की बदली गई जेल

मुख्तार अंसारी के बेटे उमर की बदली गई जेल

Follow us on:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की गाजीपुर जेल माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे उमर अंसारी में बंद हैं. हालांकि अब उनकी जेल बदल दी गई है. शनिवार सुबह उमर अंसारी को कासगंज जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. इस बदलाव के पीछे की वजह पुलिस ने सुरक्षा कारणों को बताया है. उमर फर्जी दस्तावेज मामले में जेल में बंद हैं. उमर को 4 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था तभी से वो जेल में बंद हैं.

उमर अंसारी को कोर्ट में नकली दस्तावेज पेश करने के आरोप में गिरफ्तार कर किया गया था. यह मामला उनके पिता मुख्तार अंसारी की जब्त की गई संपत्तियों को छुड़ाने के लिए दायर एक याचिका से जुड़ा हुआ है. उमर को शनिवार सुबह कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया है. कासगंज जेल में ही उमर के भाई अब्बास अंसारी भी बंद हैं. अब्बास अंसारी पर साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था. स मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने 31 मई को 2 साल की सजा सुनाई थी. साथ ही 3 हजार का जुर्माना भी लगाया गया था. हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी है.

किस मामले में जेल में बंद है उमर?

दरअसल गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अपने पिता की संपत्तियों के मामले में ही जेल में बंद हैं. उमर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी मां अफशां अंसारी के नकली साइन करके जब्त की गई संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं. इसी मामले में उनपर मोहम्मदाबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था. उमर की मां और मुख्तार अंसारी की पत्नी पर भी पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था, जो लंबे समय से फरार चल रही हैं. अफशां खान पर करीब 13 मामले दर्ज हैं.

हार्ट अटैक से हुई थी मुख्तार अंसारी मौत

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की आज से लगभग 3 साल पहले बांदा जेल में हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी. इस मौत को लेकर उस समय कई तरह के आरोप भी लगाए गए थे. परिवार ने अंसारी की मौत को साजिश बताया था, इसके साथ ही इसमें किसी और के शामिल होने का आरोप भी लगाया था. हालांकि इस पूरे मामले में जेल अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि मुख्तार को मौत से करीब 3 घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

 

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

विश्वासघात और धमकी: लखनऊ में जबरन धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के दो मामलों से सनसनी

लखनऊ । मंगलवार, 9 जून 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो अलग-अलग इलाकों …