रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:23:31 AM

ईडी ने फिटजी के 10 ठिकानों पर की छापेमारी, हजारों छात्रों का भविष्य संकट में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. देश के प्रमुख कोचिंग संस्थान FIITJEE के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार तड़के छापेमारी की. सुबह करीब 4 बजे से दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के 10 ठिकानों पर ईडी की टीमें पहुंचीं और दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल शुरू की.

बिना सूचना बंद किए गए सेंटर, 12 हजार छात्र प्रभावित

सूत्रों के मुताबिक, इस साल जनवरी में FIITJEE ने देशभर के कई कोचिंग सेंटर अचानक बंद कर दिए थे. छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि संस्थान ने पूरे साल की फीस पहले ही वसूल ली थी, लेकिन सेंटर बंद करने से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई. इस फैसले से करीब 12 हजार छात्रों की पढ़ाई और करियर खतरे में पड़ गया.

दिल्ली-NCR में कई ठिकानों पर कार्रवाई

ईडी की टीमें नोएडा के सेक्टर-62 स्थित FIITJEE सेंटर समेत कई स्थानों पर पहुंचीं और जांच शुरू की. बताया जा रहा है कि नोएडा सेंटर से दो गाड़ियों में आई ईडी की छह सदस्यीय टीम ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश और दिल्ली में दर्ज FIR के आधार पर की गई है, जिसमें कोचिंग संचालकों पर धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे हैं.

बैंक खाते सीज, 11 करोड़ रुपये जब्त

फरवरी में नोएडा पुलिस ने FIITJEE के बैंक खातों को सीज कर दिया था. इसके अलावा संस्थान के मालिक डीके गोयल के खातों में जमा 11 करोड़ 11 लाख रुपये भी जब्त किए गए हैं. इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले इस संस्थान के अचानक बंद होने से छात्रों और उनके परिवारों में गहरा रोष है.

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देशभर में दर्ज हैं कई मुकदमे

FIITJEE के खिलाफ यूपी, दिल्ली, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. परिजनों का कहना है कि फीस लेकर पढ़ाई अधूरी छोड़ देना न सिर्फ धोखा है बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।