लखनऊ । शुक्रवार, 24 अप्रैल, 2026
अयोध्या में रामलला के दिव्य दर्शन के लिए उमड़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन की व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब वीआईपी कल्चर को किनारे कर सामान्य भक्तों को वरीयता दी जा रही है। अगर आप भी राम मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को जानना आपके लिए अनिवार्य है।
प्रमुख बदलाव: विशिष्ट दर्शन श्रेणी समाप्त
ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से ‘विशिष्ट दर्शन’ (Special Darshan) का विकल्प पूरी तरह हटा दिया है। अब भक्तों के पास केवल दो मुख्य विकल्प होंगे:
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सुगम दर्शन: इस पास के माध्यम से भक्त रामलला और राम परिवार के दर्शन कर सकेंगे।
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सामान्य दर्शन: इसमें रामलला और राम परिवार के साथ-साथ श्रद्धालु सप्तमंडपम, शेषावतार मंदिर और ऐतिहासिक कुबेर टीला के भी दर्शन कर पाएंगे।
राम मंदिर दर्शन के लिए आधिकारिक जानकारी – matribhumisamachar.com
एक पास पर अब केवल 5 श्रद्धालु
भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए ट्रस्ट ने एक पास पर अनुमति मिलने वाले लोगों की संख्या घटा दी है। पहले सुगम दर्शन पास पर 8 लोग एक साथ जा सकते थे, जिसे अब घटाकर अधिकतम 5 कर दिया गया है।
ड्रेस कोड और सुरक्षा नियम
भक्तों के लिए ट्रस्ट ने भारतीय परिधान (Traditional Attire) पहनने की सलाह दी है।
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पुरुषों के लिए: धोती-कुर्ता या कुर्ता-पायजामा।
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महिलाओं के लिए: साड़ी या दुपट्टे के साथ पंजाबी/चूड़ीदार ड्रेस।
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प्रतिबंध: मोबाइल फोन, बेल्ट, और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स मंदिर के मुख्य क्षेत्र में ले जाना वर्जित है, इन्हें बाहर बने लॉकर में जमा करना होगा।
अयोध्या यात्रा और भारत गौरव ट्रेन की जानकारी – matribhumisamachar.com
स्लॉट की स्थिति
आस्था का आलम यह है कि फिलहाल 8 मई 2026 तक के सभी ऑनलाइन स्लॉट (सुगम और सामान्य दोनों) फुल हो चुके हैं। बिचौलियों से बचने के लिए भक्तों को केवल आधिकारिक पोर्टल से ही बुकिंग करने की सलाह दी गई है।
Quick Facts Table
| विवरण | नई व्यवस्था (अप्रैल 2026) |
| हटाया गया विकल्प | विशिष्ट दर्शन (VIP) |
| नए विकल्प | सुगम दर्शन और सामान्य दर्शन |
| प्रति पास संख्या | अधिकतम 5 व्यक्ति |
| दर्शन स्थल (सामान्य) | रामलला, सप्तमंडपम, कुबेर टीला, शेषावतार मंदिर |
| परिधान | भारतीय पारंपरिक वस्त्र (अनुशंसित) |
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