काराकास. वेनेजुएला के राजनीतिक परिदृश्य में एक दशक का सबसे बड़ा बदलाव आया है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए एक गुप्त और बड़े स्तर के सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) के तहत निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
सैन्य अभियान: ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ की मुख्य बातें
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अचानक हमला: अमेरिकी विशेष बलों (डेल्टा फोर्स) ने 3 जनवरी की तड़के काराकास में मादुरो के सुरक्षित ठिकाने पर छापा मारा। इस ऑपरेशन में लगभग 150 अमेरिकी विमान शामिल थे।
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गिरफ्तारी: मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर तुरंत अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS Iwo Jima पर ले जाया गया और वहां से सीधे न्यूयॉर्क लाया गया।
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हताहत: खबरों के अनुसार, इस झड़प में लगभग 80 लोग मारे गए हैं, जिनमें कई क्यूबाई सुरक्षाकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी और आरोप
5 जनवरी 2026 को निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश किया गया। उन पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
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नार्को-टेररिज्म (मादक पदार्थ आतंकवाद): अमेरिका का आरोप है कि मादुरो एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे।
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कोकीन तस्करी: अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप भेजने का षड्यंत्र।
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हथियारों का अवैध कब्जा: खतरनाक हथियारों और मशीनगनों के इस्तेमाल से संबंधित आरोप।
मादुरो की प्रतिक्रिया: अदालत में मादुरो ने खुद को निर्दोष बताया है। उनके वकीलों का तर्क है कि एक संप्रभु राष्ट्र के प्रमुख होने के नाते उन पर किसी दूसरे देश में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
वेनेजुएला की वर्तमान स्थिति
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कार्यवाहक राष्ट्रपति: मादुरो की अनुपस्थिति में, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डेल्सी रॉड्रिग्ज (Delcy Rodríguez) ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को ‘अपहरण’ करार दिया है।
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ट्रंप की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि वेनेजुएला की नई सरकार ने सहयोग नहीं किया, तो उन्हें और भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र के पुनर्निर्माण में मदद करना चाहता है।
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अस्थिरता और महंगाई: देश में अचानक हुए इस तख्तापलट के बाद खाद्य सामग्री और ईंधन की भारी किल्लत हो गई है और मुद्रास्फीति (महंगाई) तेजी से बढ़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: कौन किसके साथ?
संयुक्त राज्य अमेरिका: वाशिंगटन ने रॉड्रिग्ज के प्रस्ताव का सावधानीपूर्वक स्वागत किया है, लेकिन स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंध तभी हटाए जाएंगे जब वेनेजुएला में लोकतांत्रिक सुधार और पारदर्शी चुनाव की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
रूस और चीन: मादुरो के इन पुराने सहयोगियों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। रूस ने इसे “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया है, जबकि चीन ने शांतिपूर्ण संवाद की अपील की है। हालांकि, दोनों देश अब रॉड्रिग्ज के साथ भी संपर्क साध रहे हैं ताकि उनके निवेश सुरक्षित रहें।
पड़ोसी देश (कोलंबिया और ब्राजील): लैटिन अमेरिकी देशों में डर है कि वेनेजुएला में अस्थिरता से शरणार्थी संकट और बढ़ सकता है। उन्होंने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।
वेनेजुएला का तेल संकट और ‘ब्लैक गोल्ड’ की बिसात
उत्पादन में गिरावट: सालों के कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला का तेल उत्पादन अपने निचले स्तर पर है।
रॉड्रिग्ज की रणनीति: तेल मंत्री के रूप में डेल्सी रॉड्रिग्ज जानती हैं कि बिना अमेरिकी तकनीक और निवेश के तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करना असंभव है। उनका प्रस्ताव सीधे तौर पर अमेरिकी तेल कंपनियों (जैसे शेवरॉन) को फिर से सक्रिय करने का एक संकेत है।
वैश्विक तेल कीमतें: यदि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच समझौता होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं।
Matribhumisamachar


