नई दिल्ली | शनिवार, 4 अप्रैल 2026
राजधानी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की ‘फॉरेनर सेल’ ने दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं बिना किसी वैध दस्तावेज के दिल्ली में रहकर पॉश कॉलोनियों में घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में काम कर रही थीं।
खुफिया इनपुट पर बिछाया गया जाल
पुलिस के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 को फॉरेनर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि शालीमार बाग इलाके में कुछ विदेशी महिलाएं अपनी पहचान छिपाकर घरेलू कामगारों के तौर पर रह रही हैं। इस पर इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व और एसीपी आकाश रावत की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और सत्यापन अभियान (Verification Drive) शुरू किया।
पूछताछ में भारतीय होने का किया नाटक
निगरानी के दौरान टीम ने हैदरपुर की ओर जा रही दो संदिग्ध महिलाओं को रोका। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि वे पास की कोठियों में सफाई का काम करती हैं। हालांकि, जब पुलिस ने उनके पते और दस्तावेजों के बारे में कड़ाई से पूछताछ की, तो उनके जवाबों में विरोधाभास नजर आया।
डिजिटल फुटप्रिंट से खुली पोल
गहन जांच और उनके स्मार्टफोन के विश्लेषण के बाद पुलिस को पुख्ता सबूत मिले।
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आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार महिलाओं की पहचान अफरोजा खातून (47, निवासी खुलना, बांग्लादेश) और लुकी बेगम (36, निवासी कोमिला, बांग्लादेश) के रूप में हुई है।
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मोबाइल में प्रतिबंधित ऐप: तलाशी के दौरान उनके पास से दो स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनमें IMO जैसे प्रतिबंधित ऐप्स इंस्टॉल थे। साथ ही मोबाइल की गैलरी में उनके असली बांग्लादेशी नेशनल आईडी कार्ड की तस्वीरें भी मिलीं।
ग्रेजुएट होकर भी अवैध तरीके से भारत में एंट्री
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अफरोजा खातून बांग्लादेश में ग्रेजुएट है। उसने पुलिस को बताया कि वह बांग्लादेश में अच्छी शिक्षा के बावजूद कम कमाई से परेशान थी, इसलिए बेहतर आर्थिक अवसरों और अधिक पैसों की तलाश में अवैध रूप से सीमा पार कर दिल्ली आई थी।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
उत्तर-पश्चिमी जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के समक्ष पेश किया गया है, जहां से उनके निर्वासन (Deportation) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस की चेतावनी:
दिल्ली पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और आरडब्ल्यूए (RWA) से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू सहायिका या किरायेदार को रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।
हाइलाइट्स:
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शालीमार बाग इलाके में दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने चलाया सर्च ऑपरेशन।
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घरेलू सहायिका (Maid) के रूप में छिपी दो बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार।
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मोबाइल में मिले प्रतिबंधित ऐप्स और बांग्लादेशी पहचान पत्र।
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आरोपियों में से एक महिला ग्रेजुएट है, बेहतर कमाई के लालच में आई थी भारत।
Matribhumisamachar


