भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक का सबसे अधिक तिमाही शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह उपलब्धि बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ, बेहतर होती एसेट क्वालिटी, और डिजिटल बैंकिंग में बढ़ती हिस्सेदारी का स्पष्ट संकेत है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग सेक्टर में SBI की यह सफलता निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करती है।
🔹 मुख्य वित्तीय प्रदर्शन (Standalone – Q3 FY26)
Q3 FY26 में SBI ने आय और लाभ—दोनों मोर्चों पर नए रिकॉर्ड बनाए:
- शुद्ध लाभ (Net Profit): ₹21,028 करोड़
(सालाना आधार पर 24.5% की वृद्धि, अब तक का सर्वाधिक तिमाही मुनाफा) - शुद्ध ब्याज आय (NII): ₹45,190 करोड़
(YoY 9% की बढ़त) - ऑपरेटिंग प्रॉफिट: ₹32,862 करोड़
(40% की मजबूत वृद्धि) - कुल आय: ₹1,40,914.65 करोड़
(पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.7% अधिक)
नवीन विश्लेषण:
ब्याज दरों में स्थिरता और कम क्रेडिट कॉस्ट के चलते बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में संतुलन बना रहा, जिससे मुनाफे को दीर्घकालिक मजबूती मिली।
🔹 एसेट क्वालिटी में निरंतर सुधार
SBI की बैलेंस शीट पहले से ज्यादा मजबूत हुई है, जो जोखिम प्रबंधन की सफलता को दर्शाती है।
| पैरामीटर | Q3 FY26 | Q3 FY25 | स्थिति |
|---|---|---|---|
| Gross NPA (GNPA) | 1.57% | 2.15% | 🔻 58 bps सुधार |
| Net NPA (NNPA) | 0.39% | 0.53% | 🔻 14 bps सुधार |
| Provision Coverage Ratio | 92.37% | 91.39% | मजबूत स्थिति |
नोट:
- Slippage Ratio केवल 0.40% रहा, जो बताता है कि नए फंसे कर्ज बेहद सीमित हैं।
- उच्च PCR बैंक को भविष्य के संभावित जोखिमों से सुरक्षित बनाता है।
🔹 बैलेंस शीट और लोन ग्रोथ: ₹103 लाख करोड़ के पार कारोबार
Q3 FY26 में SBI का कुल बिज़नेस पहली बार ₹103 लाख करोड़ के आंकड़े से ऊपर पहुंच गया।
- कुल डिपॉजिट: ₹57 लाख करोड़+ (9% वृद्धि)
- कुल एडवांस (Loans): ₹46 लाख करोड़+ (15.14% वृद्धि)
सेगमेंट-वाइज लोन ग्रोथ
- SME लोन: ₹6 लाख करोड़ के पार (21% की तेज वृद्धि)
- रिटेल एडवांस: 16.51% की वृद्धि
- CASA Ratio: 39.13%
(कम लागत वाली फंडिंग से मार्जिन को सपोर्ट)
नवीन रुझान:
इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME और पर्सनल लोन सेगमेंट में मांग बढ़ने से आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ बनी रहने की उम्मीद है।
🔹 डिजिटल बैंकिंग और YONO का बढ़ता प्रभाव
SBI की डिजिटल रणनीति इसके नतीजों में साफ झलकती है:
- 68% नए बचत खाते YONO ऐप के जरिए खोले गए
- 98.6% लेनदेन डिजिटल/वैकल्पिक चैनलों (ATM, मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग) से
- डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने से ऑपरेटिंग कॉस्ट में कमी और ग्राहक अनुभव में सुधार हुआ
🔹 वन-ऑफ गेन और पूंजी स्थिति
- ₹2,200 करोड़ का विशेष लाभांश (SBI म्यूचुअल फंड से) ने तिमाही मुनाफे को अतिरिक्त सपोर्ट दिया
- Capital Adequacy Ratio (CAR): 14.04%
– नियामक आवश्यकताओं से काफी ऊपर, जिससे भविष्य की क्रेडिट ग्रोथ के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध
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🔹 निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
- रिकॉर्ड मुनाफा और घटते NPA
- मजबूत SME और रिटेल लोन ग्रोथ
- डिजिटल बैंकिंग में लीडरशिप
- स्थिर पूंजी और बेहतर जोखिम प्रबंधन
Q3 FY26 के नतीजे बताते हैं कि भारतीय स्टेट बैंक न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा बैंक है, बल्कि सबसे मजबूत और भविष्य-तैयार सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक भी बनता जा रहा है। आने वाली तिमाहियों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ SBI की कमाई और मजबूती और बढ़ सकती है।
क्या आपको लगता है कि SBI का शेयर ₹1000 का स्तर पार करेगा?
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