नई दिल्ली | शुक्रवार, 8 मई 2026
भारतीय रेलवे अब पूरी तरह से ‘स्मार्ट’ होने की राह पर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि 1986 से चले आ रहे पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को अब पूरी तरह से आधुनिक AI-आधारित तकनीक से बदल दिया जाएगा। यह बदलाव अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है, जिसका सीधा फायदा करोड़ों रेल यात्रियों को मिलेगा।
क्या है नया सिस्टम और क्यों पड़ी जरूरत?
पुराना सिस्टम करीब 40 साल पुराना था और बढ़ते ऑनलाइन ट्रैफिक (जो अब 88% तक पहुंच गया है) का बोझ नहीं झेल पा रहा था। नए सिस्टम की क्षमता अब 25,000 टिकट प्रति मिनट से बढ़कर 1.25 लाख टिकट प्रति मिनट हो जाएगी। यानी अब ‘सर्वर स्लो’ होने की समस्या बीते दौर की बात हो जाएगी।
RailOne: अब एक ही ऐप पर सारी सुविधाएं
रेलवे ने अपने सभी पुराने ऐप्स (जैसे UTS और Rail Connect) को मर्ज करके RailOne ऐप लॉन्च किया है।
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डाउनलोड: इसे अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
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सुविधाएं: रिजर्व्ड और अनरिजर्व्ड टिकट, लाइव ट्रेन स्टेटस, कोच पोजीशन, और ई-कैटरिंग (सीट पर खाना) जैसी सभी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हैं।
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3% डिस्काउंट: डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए अनरिजर्व्ड टिकटों पर 3% की छूट भी दी जा रही है।
AI बताएगा टिकट कन्फर्म होगी या नहीं
नए सिस्टम की सबसे खास बात इसका AI-आधारित प्रिडिक्शन फीचर है। यह पुराने डेटा का विश्लेषण कर यात्रियों को बताता है कि उनकी वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना कितनी है। पहले इसकी सटीकता 53% थी, जो अब बढ़कर 94% हो गई है।
तत्काल टिकट और यात्रा की तारीख में बदलाव
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आधार वेरिफिकेशन: तत्काल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए अब ऑनलाइन बुकिंग के समय Aadhaar Verification अनिवार्य होगा।
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फ्री डेट चेंज: अब यात्री बिना टिकट कैंसिल किए अपनी यात्रा की तारीख बदल सकेंगे, और इसके लिए कोई अतिरिक्त कैंसिलेशन शुल्क नहीं देना होगा।
यात्रियों के लिए मुख्य सुधार एक नजर में
| फीचर | पुराना सिस्टम | नया AI सिस्टम (RailOne) |
| बुकिंग स्पीड | 25,000 टिकट/मिनट | 1.25 लाख टिकट/मिनट |
| प्रिडिक्शन सटीकता | 53% | 94% |
| टिकट ऐप्स | कई (UTS, IRCTC आदि) | सिर्फ एक (RailOne) |
| तारीख बदलना | कैंसिलेशन चार्ज लगता था | अब पूरी तरह निःशुल्क |
Matribhumisamachar


